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14 दिसंबर 2010

बिहारःशीघ्र भरे जायेंगे सीडीपीओ के खाली पद,खुलेंगे 105 आइटीआइ

सूबे में महिलाओं, किशोरियों व बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए योजना को जल्द अंतिम रुप दिया जायेगा. आंगनबाड़ी केंद्रों के पुनर्गठन के साथ ही पूरे प्रदेश में गांव स्तर तक स्वयंसहायता समूहों का गठन किया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिये. समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्लाह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने व उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने पर विचार किया गया. ओधकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की कार्रवाई तेज करने पर बल दिया. साथ ही, समाज कल्याण विभाग के तहत सीडीपीओ के 36 रिक्त पदों सहित लिपिक, अनुसेवक, सांख्यिकी सहायक सहित विभिन्न पदों को अविलंब भरने का निर्देश दिया. 

उधर,केंद्र के सहयोग से पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत राज्य में105 नये आइटीआइ (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) बनाने की कवायद शुरू हो गयी है. इसके लिए राज्य सरकार 205 क्षेत्रों में जमीन चिन्हित कर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेज चुकी है. श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने बताया कि अब तक केंद्र की ओर से जवाब नहीं मिला है. इसलिए, रिमाइंडर भेजा जा रहा है. संस्थान खोलने के लिए निजी संस्था को केंद्र 40 से 60 फीसदी राशि की मदद देगा. वही राज्य को आइटीआइ के लिए जमीन उपलब्ध करानी थी. संस्थान पर प्रशासनिक नियंत्रण राज्य सरकार का होगा. केंद्रीय पदाधिकारी चिन्हित जमीन का मुआयना कर तय करेंगे कि चिन्हित जमीन पर आइटीआइ खोले जा सकते हैं या नहीं. 

यही कारण है कि राज्य सरकार ने 205 भूखंडों का चयन किया है, ताकि कम-से-कम निर्धारित105 संस्थानों के लिए बेहतर भूखंडों को केंद्र की स्वीकृति जरूर मिले. इसके बाद संस्थान खोलने के लिए इच्छुक लोगों या कंपनियों को आमंत्रित किया जायेगा. यह कार्य भी केंद्र के स्तर पर होना है(प्रभात खबर,पटना,14.12.2010).

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