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17 दिसंबर 2010

हरियाणाः150 डॉक्टर हो सकते हैं बर्खास्त

हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में सख्ती के मूड में आ चुकी है, बशर्ते यह लागू हो जाए। राज्य के इतिहास में पहली बार 150 से ज्यादा चिकित्सकों को नौकरी से निकालकर घर बैठाने की तैयारी की है। इनमें ऐसे चिकित्सक भी शामिल हैं जो नियुक्ति लेकर छुट्टी पर चले गए एवं सरकारी सेवा के साथ-साथ निजी क्लीनिक भी चला रहे हैं।

वर्तमान में राज्य सरकार के पास 2,250 चिकित्सक हैं, जबकि अनुबंध के आधार पर भी हर महीने की 10 तारीख को नियुक्ति की जाती है। प्रदेश में मुख्य रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। बताते हैं कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री गीता भुक्कल ने अपने स्तर पर चिकित्सकों की सेवा का सर्वे कराया, जिसमें पाया कि बड़ी संख्या में चिकित्सक नियुक्ति लेकर छुट्टी पर चले जाते हैं। इसके अलावा करीब 25 चिकित्सकों ने सरकारी सेवा से त्यागपत्र दे रखा है और निजी क्लीनिक चला रहे हैं।


मजेदार बात यह है कि त्यागपत्र दिए जाने के बावजूद वर्षो गुजर जाने पर भी उनकी फाइल पर कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में इन डॉक्टरों की दोनों तरफ से लाभ लेने की सूचना मिली है। अब इन सभी प्रकरणों की गहराई से जांच की जा रही है। राज्य सरकार ने भी अब नियम बदल दिए हैं। नियुक्ति के बाद डॉक्टर अब अवकाश पर नहीं जा सकेंगे, ऐसा करने पर वे सीधे बर्खास्त होंगे। 

अगर उनको दोबारा सेवा में आना होगा तो नए सिरे से नियुक्ति होगी। इसके लिए नए नियम तैयार किए जा रहे हैं जो जल्द घोषित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में और सख्ती की जाएगी। चिकित्सकों के साथ अन्य लोगों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। 

ज्यादा छुट्टी जाने पर किया जाएगा टर्मिनेट
स्वास्थ्य मंत्री गीता भुक्कल ने कहा है कि चिकित्सकों को लेकर सख्ती की जा रही है। अब ज्यादा छुट्टी पर जाने वालों को सर्विस से टर्मिनेट किया जाएगा। इसके बाद अगर वे दोबारा सेवा आना चाहते हैं तो नियुक्ति पूरी प्रक्रिया से दोबारा लेनी होगी। ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्यागपत्र वाले प्रकरण भी जल्द पूरे किए जाएंगे, अगर ऐसा है तो जांच होगी कि ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 22सौ ज्यादा चिकित्सक हैं। कोटा केवल एससी,बीसी व विकलांग का खाली है,उसे भी भरने की प्रयास हो रहे हैं। वैसे अनुबंध के आधार पर नियुक्ति जारी है(प्रमोद वशिष्ठ,दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,17.12.2010)।

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