17 नवंबर 2007 के बाद गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में नियुक्त हुए गेस्ट टीचरों को हटाने के आदेश आ गए हैं। जिले सहित एनसीआर में सैकड़ों गेस्ट टीचर इसके लपेटे में आएंगे।
जिला शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि हरियाणा शिक्षा निदेशालय द्वारा भेजा गया फैक्स मिल गया है। जिले में 11 नवंबर 2007 के बाद करीब 14 टीचर नियुक्त हुए हैं। इन्हें हटा दिया जाएगा। जल्द ही सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को इस आदेश की कॉपी भेज दी जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में टीचरों की कमी दूर करने के लिए 2005 में गेस्ट टीचरों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया था। इसके तहत प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में विभिन्न विषयों के पीजीटी और मिडल स्कूलों के लिए टीजीटी की नियुक्ति के आदेश दिए गए थे। फिर 11 नवंबर 2007 को गेस्ट टीचरों की नियुक्ति पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक 11 नवंबर 2007 के बाद प्रदेश के 213 मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ही गेस्ट टीचर नियुक्त करने की छूट जारी रखी गई थी। वहाँ भी कॉमर्स और साइंस के गेस्ट टीचर ही नियुक्त किए जा सकते थे। इस आदेश की अवहेलना करते हुए कई जिला शिक्षा अधिकारियों ने जेबीटी से लेकर आर्ट्स संकाय तक में गेस्ट टीचरों की नियुक्ति जारी रखी।
सूत्रों के मुताबिक पूरे प्रदेश में 11 नवंबर 2007 के बाद भी हजारों गेस्ट नियुक्त किए गए। शिक्षा निदेशालय को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिलती रहीं। तब शिक्षा निदेशक ने प्रत्येक जिले से गेस्ट टीचरों का रिकार्ड माँगा। जिले में 14 गेस्ट टीचर ऐसे पाए गए जिनकी नियुक्ति नियमों की अनदेखी करके हुई थी। वहीं पलवल, मेेवात और गुड़गांव में भी ऐसे दो-दो दर्जन टीचर पाए गए। फरीदाबाद, पलवल और गुड़गांव की जांच डिप्टी डायरेक्टर जिले सिंह को सौंपी गई थी(राजकिशोर,नवभारत टाइम्स,फरीदाबाद,21.12.2010)।
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