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08 दिसंबर 2010

देश में खुलेंगे 20 नए ट्रिपल आइटी

उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने एक साथ 20 नए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (ट्रिपल आइटी) को मंजूरी दे दी है। इन संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा देने के लिए सरकार अलग से कानून बनाएगी। ये सभी संस्थान सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के मॉडल पर होंगे। इन पर 2808.71 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसके साथ ही सरकार ने उड़ीसा में 30,000 करोड़ रुपये की लागत से पेट्रोरसायन हब बनाने का भी फैसला किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई कैबिनेट की बैठक में नए ट्रिपल आइटी पर धन खर्च करने के तौर-तरीके का फार्मूला भी तय कर दिया गया। इसके तहत केंद्र, राज्य और निजी उद्योग के बीच कुल लागत को 50:35:15 के अनुपात से बांटा जाएगा। एक संस्थान पर 128 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले वित्त वर्ष के दौरान पांच से दस ट्रिपल आइटी बनाने की योजना है। फैसले के तहत इस श्रेणी के संस्थान स्थापना के पांच वर्षो के भीतर अपना खर्चा निकाल लेंगे। जिस भी राज्य में ये खोले जाएंगे वहां की सरकार इनके लिए मुफ्त में 50 से 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी। ये संस्थान बेहतरीन गुणवत्ता वाले शोध व अनुसंधान का काम करेंगे जो देश में औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। ट्रिपल आइटी के काम में सरकार की तरफ से कोई भी बाधा नहीं होगी। छात्रों की फीस, संख्या, वेतन सहित अन्य मुद्दों के बारे में ट्रिपल आइटी गर्वनिंग बॉडी स्वयं ही फैसला करेगी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की एक बैठक में उड़ीसा के पारादीप में पेट्रोलियम रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र (पीसीपीआइआर) के गठन के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दीगई। यह देश का चौथा पीसीपीआइआर होगा। पारादीप में पहले से ही 29,777 करोड़ रुपये की लागत से रिफाइनरी लगा रही सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल की भूमिका इसके गठन में काफी महत्वपूर्ण होगी(दैनिक जागरण,दिल्ली,8.12.2010)।

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