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08 दिसंबर 2010

झारखंडःरिटायर्ड दागी फिर नौकरी पाने को हैं बेताब

बेहतर अफसर और कर्मचारी रिटायर होने के बाद फिर से सरकारी नौकरी में आना नहीं चाहते हैं।दागदार रिटायर अफसर फिर से सरकारी पदों पर आने को बेताब हैं। राज्य में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सरकार ने संविदा पर रिटायर लोगों को बहाल करने के लिए आवेदन मांगा हैं। सरकार को काफी कम संख्या में आवेदन मिला है।

नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही हैं। कहा जा रहा है कि सरकार में काम काज की अच्छी संस्कृति नहीं रहने के कारण कर्मठ और ईमानदार लोग फिर से नौकरी में आने के लिए उत्साहित नहीं हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के 1251 पदों में तीन सौ से अधिक पद खाली हैं। राज्य सचिवालय सेवा के 2341 पदो में 1200 से ज्यदा पद रिक्त हैं। राप्रसे कैडर से 47 रिटायर बड़े अफसरों ने संविदा पर बहाल होने के लिए आवेदन दिए हैं। इसमें से 20 दागदार छवि के हैं।


इन पर सेवाकाल में कई आरोप लगे थे। एक दर्जन अधिकारी पर अब भी मामले चल रहे हैं। कुछ भूमि घोटाले के आरोपी हैं, तो कई के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी का केस चल रहा है। चार वैसे रिटायर अधिकारी भी फिर से नौकरी में आना चाह रहे हैं, जिनके विरूद्ध सरकार का अभियोजनस्वीकृत है। विभागीय कार्यवाही और कोर्ट में चल रहे केस के आरोपी भी संविदा से नौकरी में आने की कोशिश में लग गए हैं।


राज्य प्रशासनिक सेवा की तुलना में सचिवालय सेवा में चार गुणा ज्यादा पद खाली है । लेकिन अपेक्षाकृत आधी संख्या में ही आवेदन आए हैं। अबतक कुल 27 आवेदन ही सरकार को मिले हैं। दोनों कैडर के लिए आवेदन की तिथि समाप्त हो गई है। राज्य सचिवालय सेवा में सर्वाधिक सहायक के करीब 500 पद खाली हैं। फिर भी सहायक वर्ग छह रिटायर कर्मियों नहीं आवेदन दिया है। इस कैडर के लिए आए आवेदन में एक आवेदन दागी कर्मी का है। 

संविदा पर बहाल करने के लिए आवेदन मंगाया गया है। उसका प्रोसेस होगा। दागी को सरकार बहाल नहीं करेगी। अधिकारी-—कर्मचारी का सेवा इतिहास देखा जाएगा। सेवा काल में उन पर कोई आरोप था कि नहीं यह भी देखेंगे। गोपनीय चारित्री अभियुक्ति (एसीआर) पर भी गौर करेंगे। पूरी तहकीकात के बाद ही सरकार नियुक्ति पर फैसला करेगी-आदित्य स्वरूप, कार्मिक सचिव(अमरेंद्र कुमार,दैनिक भास्कर,रांची,8.12.2010)

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