केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. दग्गुबती पुरुंदेश्र्वरी ने कहा कि केंद्र सरकार सभी को गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। इसके चलते मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उच्च शिक्षा की वर्तमान दर को 12.5 फीसदी से बढ़ाकर 2020 तक 30 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार ने न केवल पहली बार कुल बजट का 19 फीसदी धन शिक्षा के विकास के लिए आवंटित किया है बल्कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बनी समिति तकनीकी शिक्षा के प्रसार के लिए 13 मंत्रालयों का सहयोग भी ले रही है। वह गुरुवार को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विवि में केंद्रीय पुस्तकालय का शिलान्यास और सेमिनार हॉल के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। राज्यमंत्री डॉ.पुरुंदेश्र्वरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा की दर मात्र सात प्रतिशत है जिसे बढ़ाने के लिए और प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों की योग्यता पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि अच्छे दिमाग वाले शिक्षकों को शिक्षा देने के लिए तभी रोका जा सकेगा जब उन्हें अच्छा वेतनमान दिया जाय। केंद्र सरकार ने छठा वेतनमान लागू करके शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में रोकने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कक्षा आठ से 10 के बीच सामान्य शिक्षा के साथ ही तकनीकी शिक्षा भी जरूरी है। केंद्र सरकार सीबीएसई बोर्ड में यह व्यवस्था लागू कर रही है लेकिन राज्य सरकारों को भी इसके लिए पहल करनी पड़ेगी। मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री ने कहा कि 11 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत माध्यमिक व उच्च शिक्षा के साथ ही तकनीकी शिक्षा के प्रसार को भी बढ़ाने का प्रयास चल रहा है। 2020 तक देश में 40 फीसदी हिस्सा 25 वर्ष आयु वर्ग के नौजवानों का होगा। ऐसे में तकनीकी ज्ञान देकर पूरे उन्हें पूरे विश्र्व के सहयोग के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की साक्षरता दर वर्तमान में 42 फीसदी है जबकि पुरुषों की साक्षरता दर 70 फीसदी है। ऐसे में महिलाओं को सुविधाएं देकर उनकी साक्षरता दर को बढ़ाने की आवश्यकता है। समारोह के दौरान विवि कुलपति प्रो.बी हनुमैय्या ने विवि की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समारोह में रजिस्ट्रार एसके सिंह, प्रो.कामेश्र्वर चौधरी, डॉ.गोपाल सिंह, डॉ.एसके द्विवेदी, गोविंद पांडेय, इंजीनियर एसके गोयल, कार्यदायी संस्था के इंजीनियर एसपी सिंह समेत कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया(दैनिक जागरण,लखनऊ,31.12.2010)।
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