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07 दिसंबर 2010

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय:रिसर्च के पैसे से कुलपति ने खरीदा 35 हजार का मोबाइल

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एक और अनियमितता उजागर हुई है। विवि के कुलपति डा. एमपी पांडेय के लिए शिक्षा और रिसर्च संबंधी उपकरण खरीदने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से मिले फंड से ब्लैक बेरी मोबाइल खरीदा गया। इसकी कीमत 35 हजार रुपए है।

यह खरीदी आनन-फानन में 31 मार्च को की गई, ताकि आईसीएआर का फंड लैप्स न हो जाए। उन्होंने इसी फंड से दो लैपटॉप और एक कलर फोटोकॉपी मशीन भी खरीदी हैं।

आईसीएआर विवि को हर साल रिसर्च के लिए करोड़ों रुपए देती है। नियमानुसार इस पैसे को रिसर्च और शैक्षणिक विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। इस मद से कुलपति के लिए ब्लैक बेरी मॉडल नंबर 9700 खरीदा गया है।

इसके लिए 27 मार्च को नोटशीट चलाई गई और 31 मार्च को कुलपति को मोबाइल खरीद कर दे दिया गया। तेज गति से चली नोटशीट सात अधिकारियों के हाथ से गुजरी। इसमें लिखा गया है कि कुलपति के लिए जीपीआरएस सुविधा और एडवांस टेक्नालॉजी वाला मोबाइल खरीदना है।


इसकी बैटरी क्षमता अधिक होनी चाहिए। इसके लिए जयश्री नावेल्टीज और श्री कृष्णा कमर्शियल से कोटेशन बुलाए गए। कोटेशन में जयश्री नोवल्टीज ने 15 दिन में डिलवरी की बात कही थी, जबकि श्री कृष्णा कमर्शियल ने एक सप्ताह में उपलब्ध कराने की बात कही। 

इसके आधार पर श्री कृष्णा कमर्शियल से मोबाइल 31 मार्च को खरीद कर दिया गया। सूचना के अधिकार में मांगी गई जानकारी में कुलपति के निज सचिव ने बताया है कि स्टोर के माध्यम से इसकी खरीदी आईसीएआर डेवलपमेंट ग्रांट सब हेड इक्विपमेंट से की गई।

इसकी अनुमति लेखा नियंत्रक से ली गई। कुलपति के अनुमोदन पर इसकी खरीदी की गई। इस खरीदी पर लोकल फंड ऑडिट ने भी आपत्ति की थी। राज्य शासन के वित्त विभाग के अधिकारियों की राय में यह खरीदी गलत है। 

हालांकि इस संबंध में कुलसचिव एसआर रात्रे का कहना है कि कुलपति को इस तरह के अधिकार हैं, वे मोबाइल खरीद सकते हैं। 

दूसरे विवि में नहीं हुई खरीदी
विवि के कुलपति के पास असीमित अधिकार होते हैं, लेकिन दूसरे विश्वविद्यालयों में इस तरह की मोबाइल खरीदी नहीं हुई है। पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एआर चंद्राकर ने अब तक सरकारी पैसे से मोबाइल हैंडसेट नहीं खरीदा है। 

वे कुलपति बनने के बाद भी स्वयं का मोबाइल उपयोग कर रहे हैं। स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति ने भी मोबाइल नहीं खरीदा है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके पांडेय ने मोबाइल तो खरीदा है, लेकिन वह केवल सात हजार रुपए का है। गौरतलब है कि कुलपति को सरकार 80 हजार रुपए हर महीने मानदेय देती है। 

क्लास रूम और पीजी लेबोरेटरी की जगह बनवा लिए टॉयलेट
आईसीएआर फंड के दुरुपयोग पर कोष लेखा एवं पेंशन की जांच समिति ने आपत्ति जताई है। विवि ने आईसीएआर फंड से अफसरों के आवास में टॉयलेट बनवाया है। 

विवि के ओएसडी पीमा डा. एके त्रिपाठी के आदेश पर उनके ई-4 क्वार्टर में 58 हजार रुपए से शेड बनवाया गया है। 

एफ-3 क्वार्टर के टायलेट में 80 हजार रुपए मूल्य के टाइल्स लगाए गए हैं और ई-4 क्वार्टर में अतिरिक्त टायलेट निर्माण कराया गया है। कोष लेखा एवं पेंशन के अपर संचालक ए एक्का ने इसे बजट प्रावधान के विरुद्ध करार दिया है। 

उन्होंने राज्य शासन को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि इस फंड से विवि में शैक्षणिक परिसर का नवीनीकरण, मॉडल क्लास रूम और पीजी लेबोरेटरी बनाई जा सकती थी। यह खर्च आईसीएआर के दिशा-निर्देशों के विपरीत है(गोविंद पटेल,दैनिक भास्कर,रायपुर,7.11.2010)।

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