मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल की बारहवीं का रिजल्ट विवाद शुरू हो गया है। महज सात फीसदी रिजल्ट आने पर सक्रिय हुए संस्थान ने ताबड़तोड़ ढंग से जांच के बाद रिजल्ट संशोधित कर दिया है। संशोधन के बाद रिजल्ट में चार फीसदी बढ़ गया है। साथ ही मूल्यांकन में भारी गलतियां सामने आई हैं। संस्थान अब लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार राज्य ओपन ने हायर सेकंडरी परीक्षा का रिजल्ट 22 नवंबर को घोषित किया था। इसमें मात्र सात फीसदी छात्र-छात्राओं को ही पास दर्शाया गया था। शेष 93 फीसदी फेल थे। रिजल्ट आते ही छात्रों ने शिकायत शुरू कर दी थी। लगातार शिकायत मिलने पर संस्थान द्वारा नए सिरे से पूरे रिजल्ट की जांच कराई गई थी। मंगलवार को 85 फीसदी रिजल्ट संशोधित के बाद घोषित किया गया है। इस संशोधन के बाद यह रिजल्ट बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया है। इसमें वृद्धि भले ही चार प्रतिशत की हुई हो, लेकिन मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की भारी गलतियां सामने आई हैं। संस्थान प्रबंधन ने इन गलतियों को गंभीरता से लिया है। साथ ही छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ मानते हुए लापरवाही करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही का मन बनाया है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष राकेश बंसल ने भी सहमति दे दी है। जल्द ही इन शिक्षकों को ब्लेक लिस्टेड किया जा सकता है। रिजल्ट बनाने वाली संस्था की धरोहर राशि भी जब्त की जा सकती है। संशोधित रिजल्ट राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट पर लोड कर दिया गया है(दैनिक जागरण,भोपाल,1.12.2010)।
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