उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पांचवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बाद पंजाब सरकार के कर्मचारियों को उनका बनता एरियर के बकाये की पहली किस्त को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया।
यहां मंगलवार को कर्मचारी फ्रंट के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बकाये की पहली किस्त अप्रैल, 2011 के वेतन के साथ मिलेगी। कर्मचारियों को पांचवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत 7200 करोड़ रुपये दिए जाने हैं और एक जनवरी 2006 से 31 जुलाई 2009 तक के वेतन वृद्धि के कारण यह बकाया है। अब कर्मचारियों को बकाये का भुगतान 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में क्रमश: मई 2011, मई 2012 और मई 2013 में किया जाएगा। प्रत्येक किस्त का 50 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के जीपीएफ के खाते में जमा कराया जाएगा, शेष 50 प्रतिशत का नकद भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब तक पांच वेतन आयोग बन चुके हैं। ये सभी आयोग अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार ने ही गठित किए।
उन्होंने प्रत्येक विभाग में तदर्थ कर्मचारियों के बारे में आंकड़े एकत्र करने, वित्त एवं कार्मिक विभागों के साथ तालमेल कर तदर्थकर्मचारियों और वर्कचार्ज कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के मुताबिक नियमित करने की लंबित माग की समीक्षा करने का राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया।
अध्यापकों और हेड मास्टरों की संख्या में आई कमी पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए सुखबीर ने स्कूल शिक्षा सचिव को जनवरी तक शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप देने के लिए कहा, ताकि समयबद्ध सीमा में पदोन्नति की जा सके(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,15.12.2010)।
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