राजस्थान हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी व कॉलेज के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने के संबंध में पेश याचिकाओं को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्ति आयु निर्धारित करना राज्य सरकार का अधिकार है। कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। न्यायाधीश गोविंद माथुर ने जोधपुर, बीकानेर व उदयपुर यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षकों की ओर से दायर अलग अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में कहा गया था कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय व यूजीसी ने 31 दिसंबर 2008 को अधिसूचना जारी कर यूजीसी से संबद्ध संस्थाओं में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र 65 वर्ष करने को कहा था।
इसी आधार पर इन शिक्षकों ने हाईकोर्ट से 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के आदेश के विरुद्ध स्टे लिया था। अप्रार्थीगण की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीआर पूनिया, महेंद्रसिंह सिंघवी व पीआर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार व विवि के बीच एमओयू हो चुका है जिसके तहत विवि के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु वही होगी जो राज्य सरकार के कर्मचारियों की है। पहले भी हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने मनोजकुमार के मामले में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी(दैनिक भास्कर,जोधपुर,15.12.2010)।
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