सब ठीक रहा तो मेडिकल कोर्स में दाखिला चाहने वाले छात्रों की मुसीबत अगले शैक्षणिक सत्र से काफी कम हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय इनके लिए दर्जन भर अलग-अलग इम्तिहान के बजाय एक ही साझा प्रवेश परीक्षा लागू करने की तैयारी में है। सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने अगले महीने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक कर उन्हें भी साथ लेने की तैयारी शुरू कर दी है। गुलाम नबी आजाद ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा, अब हम तत्काल इस मामले पर राज्यों से मशविरा करेंगे। इसके लिए 30-31 जनवरी को बेंगलूर में राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक किए जाने का फैसला किया गया है। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल काउंसिलऑफ इंडिया (एमसीआइ) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के लिए संशोधित प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया है। अब राज्यों की सहमति के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। एमसीआइ के प्रस्ताव के मुताबिक सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के दाखिले इसी परीक्षा के जरिए होंगे। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक आदर्श स्थिति तो यही होगी कि सभी निजी कॉलेज भी इस परीक्षा के जरिए ही अपने दाखिले लें।(मुकेश केजरीवाल,दैनिक जागरण,दिल्ली,15.12.2010)।
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