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03 दिसंबर 2010

सेना में नहीं चलेगा हिंदी साहित्य सम्मेलन का प्रथमा सर्टिफिकेट

हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग (इलाहाबाद) से प्रथमा का सर्टिफिकेट अब सेना भर्ती में किसी काम नहीं आएगा। हेडक्वार्टर से मिले आदेशों के बाद सेना भर्ती निर्देशकों ने 28 अक्टूबर 2010 के बाद से सम्मेलन की ओर से जारी सर्टिफिकेटों पर गौर करना छोड़ दिया है।

सेना में भर्ती के लिए उम्मीदवारों को किसी और मान्यता प्राप्त बोर्ड की ओर से जारी कम से कम दसवीं का सर्टिफिकेट पेश करना पड़ेगा। सेना भर्ती डायरेक्टर कर्नल शरद ढिंडव के मुताबिक लुधियाना में सेना भर्ती रैली छह दिसंबर से आरंभ होने वाली है। सेना यह जानकारी सभी उम्मीदवारों को देना चाहती है, ताकि बाद में उन्हें कोई समस्या न हो।


कर्नल ढिंडव के अनुसार पिछले दिनों उन्हें हेडक्वार्टर की ओर से इस संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें साफ किया गया है कि 28 अक्टूबर 2010 के बाद हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग (इलाहाबाद) से जारी सर्टिफिकेट पर गौर न किया जाए। कर्नल ढिंडव मानते हैं कि इससे पहले हुई भर्तियों में कई उम्मीदवारों ने हिंदी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद की ओर से जारी मध्यमा का सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया है और इसे उन्होंने दसवीं के बराबर माना है। 


2006 में बढ़ाई गई थी अवधि 
हिंदी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद शिक्षण संस्थान है। इसे हिंदी साहित्य सम्मेलन संचालित करता है। संस्थान की ओर से संचालित प्रथमा परीक्षा को भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (माध्यमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा विभाग) ने उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर जुलाई 2001 में दसवीं के बराबर की मान्यता दी गई थी।

यह मान्यता शुरुआत में तीन वर्ष की अवधि के लिए थी। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मई 2004 और फिर नवंबर 2006 में इसकी मान्यता अवधि बढ़ाई थी। नवंबर 2006 में बढ़ाई गई मान्यता अवधि 28 अक्तूबर 2010 तक सीमित थी। इसके बाद मंत्रालय की ओर से कोई नई नोटिफिकेशन नहीं है(दैनिक भास्कर,लुधियाना,3.12.2010)

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