मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

10 दिसंबर 2010

नौकरी बदलने से पहले....

पहली नौकरी में आप एक फ्रेशर के तौर पर काम कर रहे थे। कुछ समय बिताने के बाद आपने कुछ नई स्किल्स भी सीख लीं और अब खुद को नई भूमिका में देखना चाहते हैं। यह भी संभव है कि आप जहां काम कर रहे हैं, वह काम आपको पसंद आ रहा हो, पर खुद से यह पूछें कि आप कितने लंबे समय तक वहां रुकना चाहते हैं? जैसे ही आपके मस्तिष्क में इस संबंध में स्पष्टता आती है, आप किसी संस्थान में अपने समय विशेष तक रुकने के औचित्य को समझ सकेंगे। तो, ऐसे कौन से कारक होंगे जो यह समझने में आपकी मदद कर सकते हैं:
अच्छी भूमिका: जो आप कर रहे हैं, क्या उससे खुश हैं? क्या आप अपना वर्किग डे वहीं काम करने में बिता देते हैं जो आपको संस्थान में ज्वॉइन करते सौंपा गया था या फिर आपको और भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं?
करियर लक्ष्य: अपने क्षेत्र विशेष में आपने हो सकता है शुरुआत ही की हो, और उस क्षेत्र में ऊंचाइयां हासिल करने के लिए आपको कई पड़ाव पार करने हों। अब खुद से पूछें कि आपकी वर्तमान कंपनी आपको आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर सकती है? आपके वरिष्ठ जनों द्वारा दिया गया औपचारिक प्रशिक्षण क्या आपको लंबे समय तक उस संस्थान में बनाए रखने में उपयोगी साबित होगा।

अच्छा मूल्य: प्रारंभ में जब आपने नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया तब आप अपनी शर्ते सामने नहीं रख सकते थे और न ही आपकी बारगेनिंग की पॉजिशन थी, पर चूंकि अब आपके पास अनुभव भी है और काम की अच्छी परफॉरमेंस का आत्मविश्वास भी, तो आपको खुद से कुछ प्रश्न पूछने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। अपने क्षेत्र में अन्य वरिष्ठ जनों से इस संबंध में बात करें। या फिर शाइन सैलरी टूल पर जाकर आप यह जान सकते हैं कि आपको वर्तमान में कितना वेतन मिलना चाहिए। 

आरामदायक तत्व: करियर की शुरुआत कड़ी मेहनत का समय होता है। इसे जेहन में रखते हुए खुद से पूछें कि आप अपनी वर्तमान नौकरी में इसलिए तो काम करते रहना पसंद नहीं कर रहे क्योंकि वहां आपके लिए काफी आरामदायक स्थिति है। आपको स्थायी आय मिलती है और खुद को साबित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास नहीं करने पड़ते। अच्छा होगा कि आप नई स्किल सीखने के अवसरों का विकास करें(हिंदुस्तान,दिल्ली,8.12.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।