रेलवे ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तोहफा दिया है। वीआरएस लेने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बच्चों को रेलवे उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देगा। मेरठ सिटी स्टेशन पर भी आदेश की कापी आ गई है। इससे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं अन्य श्रेणी के कर्मचारियों ने भी इस योजना की मांग की है।
रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी चल रही है। गैंगमैन भर्ती न होने पर कुलियों को गैंगमैन बनाया था। अब कुलियों ने गैंगमैन बनने से तौबा कर ली है। कर्मचारी भी लगातार रिटायर हो रहे हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए रेलवे ने सुरक्षा श्रेणी (मेकेनिकल, आपरेशन और इंजीनियरिंग ब्रांच) में आने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जैसे भिश्ती, खलासी, गैंगमैन, प्वाइंट मैन, गेटमैन आदि के बच्चों को नौकरी देने की व्यवस्था लागू की है। योजना का लाभ उठाने के लिए ५० से ५७ वर्ष के कर्मचारियों, जिनकी ग्रेड पे १८०० रुपये है, उनको वीआरएस लेना होगा। सीपीआरओ नॉर्दर्न रेलवे ने बताया कि इन कर्मचारियों के बच्चों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाने की शर्त नहीं है, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाएगी यानी उनका बच्चा क्लास थ्री में भी जा सकता है। इसके लिए स्टेशन स्तर पर आवेदन मंगाए जा रहे हैं। अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्लास थ्री कर्मचारियों ने भी योजना को उनकी श्रेणी के कर्मचारियों पर भी लागू करने की मांग की है।
मेरठ में नहीं होगा ज्यादा लाभ
योजना का ज्यादा फायदा मेरठ और कैंट स्टेशन पर नहीं होगा। अधिकारियों ने बताया कि यहां के अधिकतर कर्मचारी जो ५० से ऊपर हो गए हैं, उनका ग्रेड पे १८०० रुपये से ज्यादा है। साथ ही अधिकतर कर्मचारी प्रमोशन पा चुके हैं। वर्कशाप के कुछ कर्मचारियों को इस योजना का लाभ जरूर मिल सकता है(अमर उजाला,मेरठ,7.12.2010)।
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