हरियाणा की नई पीढ़ी अब खेलों में अपना कॅरियर तलाश रही है। राज्य के करीब 20 लाख स्कूली बच्चों ने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। खेलों के प्रति बच्चों की दीवानगी का आलम यह है कि हर एक मिनट में 1500 भावी खिलाडि़यों ने प्ले-फार इंडिया खेल छात्रवृत्ति के लिए दावा ठोंका है। यूरोप के खेल क्लबों से जुड़े प्रशिक्षक इन खिलाडि़यों में 5000 ऐसी प्रतिभाओं का चयन करेंगे, जिनमें खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की यूरोप के एक दर्जन खेल क्लबों से प्रतिभा चयन के लिए प्रशिक्षक (स्काउट दल) भेजने की बातचीत चल रही है। खेल विभाग की योजना है कि राज्य की जिन 5000 प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा, उन्हें पेशेवर अंदाज में प्रशिक्षण देने के साथ आधुनिक खेल सुविधाएं मुहैया कराकर आगे बढ़ने के तमाम अवसर प्रदान किए जाएंगे। खेल तथा शिक्षा विभाग की प्ले-फार इंडिया योजना के तहत 3 से 10 दिसंबर तक जिलास्तर पर पंजीकृत खिलाडि़यों का साइंटिफिक एंड फिजिकल एप्टीट्यूट टेस्ट (स्पेट) होगा। इसके तहत स्कूलों में 8 से 19 वर्ष की आयु के सभी बच्चों की स्पॉट परीक्षा ली जाएगी। योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 1500 तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 2000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलेगी। पहले चरण की स्पॉट परीक्षा के तहत 8-19 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली बच्चों की तीन तरह की स्पर्धाएं होंगी। इनमें 30 मीटर दौड़, 6&10 मीटर शॅटल तथा स्टेंडिंग ब्राड जंप शामिल हैं। स्पर्धा में 75 फीसदी से अधिक अंक अर्जित करने वाले दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे। खेल निदेशक ने बताया कि योजना के तहत 20 से 30 नवंबर तक मात्र दस दिन में 20 लाख भावी खिलाडि़यों ने पंजीकरण कराया है। ग्रामीण इलाकों के जो खिलाड़ी पंजीकरण से वंचित रह गए हैं, उन्हें 3 दिसंबर तक संबंधित स्कूलों में जाकर पंजीकरण कराने का मौका दिया गया है। पिछले वर्ष 3000 छात्रवृत्तियों के लिए 1606 खिलाड़ी ही सामने आए थे। इस बार नए सिरे से आयोजित की जाने वाली परीक्षा में 5000 खिलाडि़यों का चयन होगा। पिछली बार छात्रवृत्ति पाने वालेखिलाडि़यों को भी इस बार नए सिरे से चयन प्रक्रिया से जुड़ना पड़ेगा। खेल निदेशक ने बताया कि 30 नवंबर को अंतिम दिन 2 लाख बच्चों ने पंजीकरण कराया है। उनके अनुसार यूरोपीय खेल क्लबों के स्काउट दलों से बातचीत अंतिम दौर में है। चयनित खिलाडि़यों को अप्रैल 2011 से मार्च 2012 तक एक साल छात्रवृत्ति मिलेगी(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,1.12.2010)।
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