हिमाचल बिजली बोर्ड लिमिटेड में आउटसोर्सिग पर लगाम लग गई है। बिजली बोर्ड इंपलॉइज यूनियन और बोर्ड प्रबंधन के बीच मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में इस पर सहमति बनी है कि आउटसोर्सिग के लिए किए गए टेंडर पर छह जनवरी तक रोक लगाई जाएगी।
बाद में यूनियन के साथ बातचीत करके ही कोई निर्णय लिया जाएगा। बैठक में कर्मचारियों को सरप्लस करने पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने माना कि कोई भी क र्मचारी सरप्लस नहीं किया जाएगा और न ही दूसरे विभाग में भेजा जाएगा। बिजली बोर्ड इंपलॉइज यूनियन प्रबंधन की ओर से लगभग 800 कर्मचारियों को सरप्लस किए जाने के निर्णय का विरोध कर रही थी। सरप्लस कर्मियों को दूसरे विभागों में भेजने की कवायद भी लगभग शुरू हो गई थी।
फील्ड अधिकारियों को शक्तियां
यूनियन और बोर्ड प्रबंधन की बैठक में इस पर भी सहमति बनी कि विभिन्न श्रेणियों में वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए फील्ड के अधिकारियों को शक्तियां दी जाएंगी। प्रबंधन ने हजारों सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन संबंधी मामले जल्द हल करने का आश्वासन दिया। बोर्ड में एक जनवरी 2006 से पहले सात हजार और इसके बाद सेवानिवृत हुए लगभग 2 हजार से अधिक कर्मचारियों के मामले लंबित हैं(दैनिक भास्कर,शिमला,15.12.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।