मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

25 दिसंबर 2010

आगराःछात्र-संख्या पर चल रहा रिश्वतखोरी का खेल

लंबे समय से बोर्ड परीक्षा में छात्र संख्या बढ़ाने-घटाने के नाम पर रिश्वतखोरी का 'खेल' चल रहा है। दो वर्ष पूर्व जनपद में नौंवी के छात्रों की पंजीकरण संख्या करीब 60 हजार थी, लेकिन अगले साल 2010 में बोर्ड परीक्षा में 10वीं के 73397 छात्र शामिल हुए। यही हाल कमोबेश 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में भी दिखाई दिया।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमानुसार बोर्ड परीक्षाओं में जनपद की कुल छात्र संख्या के 10 फीसदी के बराबर बाहरी जनपदों के छात्र भी हिस्सा ले सकते हैं। पूर्व में फेल हो चुके छात्र भी ऐन मौके पर विद्यालयों से संपर्क करते हैं। लिहाजा शिक्षा विभाग के दलाल इसमें कमाई का रास्ता ढूंढते हैं। सूत्रों की मानें तो हाल में आगरा के होटल में रिश्वत लेते पकड़ा गया मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय का बाबू भरत सिंह चौहान भी इसी खेल का उस्ताद था। नॉमिनल रोल लिस्ट में संसोधन के बहाने वह विद्यालय प्रबंधकों से साठगांठ की कोशिश में जुटा था और बिना अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दिए आगरा पहुंचा था।

सूत्रों की मानें तो बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को परीक्षा फार्म भरने की जानकारी नहीं दी जाती। तिथि निकल जाने के बाद विद्यालय प्रतिनिधि प्राइवेट रूप से मनमानी वसूली कर उनका नाम चढ़वाते हैं। कई बाहरी छात्र भी ऐन मौके पर परीक्षा में शामिल कराने की गुहार लगाते हैं। नॉमिनल रोल लिस्ट में संशोधन के बहाने इन छात्रों के नाम बढ़ाए जाते हैं।

बढ़ सकती है छात्रों की संख्या

बोर्ड परीक्षा में इस बार भी छात्रों की संख्या बढ़ सकती है। सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय कार्यालय से सीधे संपर्क कर कई विद्यालय प्रतिनिधि पहले ही परीक्षार्थियों की संख्या बढ़वा चुके हैं। जबकि डीआईओएस कार्यालय से हाईस्कूल के 76003 और इंटरमीडियट के 48420 परीक्षार्थियों के नाम भेजे गए हैं।

'पिछले सालों तक छात्रों की वास्तविक संख्या का लेखाजोखा नहीं रखा जाता था। इससे छात्रसंख्या में कमी या बढ़ोत्तरी की संभावना रहती थी। लेकिन इस बार स्कूलवार छात्रसंख्या का ब्यौरा जुटाया गया है। बोर्ड को भेजी गई सूचना में फेरबदल नहीं हो सकेगा। अगर ऐसा मामला सामने आया, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी-'मनोज गिरी, जिला विद्यालय निरीक्षक(दैनिक जागरण,आगरा,25.12.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।