मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

08 दिसंबर 2010

बिहारःसरकारी सेवा के बढ़ते मौक़े

राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों के अवसर देने जा रही है। स्वदेशी चिकित्सा पर विशेष ध्यान देने की घोषणा ने चिकित्सकों में उम्मीद जगायी है। इससे उत्साहित होकर देशी चिकित्सकों के संघ आयुष मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत स्वीकृत 2900 पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की है। साथ ही इस प्रक्रिया को एलोपैथिक चिकित्सकों की तरह आनलाइन करने की अपील की है। दरअसल विभाग ने 2900 में से 1544 पदों पर बहाली की प्रक्रिया आरंभ की थी। इसके तहत हाल ही में 1378 आयुष (आयुर्वेदिक, यूनानी, एवं होमियोपैथी) चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र निर्गत किये गए हैं। एएमए चाहता है कि इस नियुक्ति के लिए बने पैनल की अवधि एक साल और बढ़ायी जाए और इसके आधार पर रिक्त बचने वाले पदों को अविलंब भरा जाए। बाकी 1356 पदों को भी जल्द भरा जाना चाहिए। सरकार ने फिलहाल हर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक-एक आयुष चिकित्सक नियुक्त करने की नीति अपना रखी है। उधर, पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों का कहना है कि अगर सब कुछ ट्रैक पर रहा, तो नए साल के आरंभ में ही बिहार की पहली महिला बटालियन तैयार हो जाएगी। जिला पुलिस बलों में महिला आरक्षी तो पहले से ही उपलब्ध हैं पर यह पहला मौका होगा, जब बिहार मिलिट्री पुलिस की तर्ज पर महिला बटालियन अस्तित्व में आएगी। पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इस बटालियन के लिए आधारभूत व्यवस्था उपलब्ध कराने की तैयारी है। डीजीपी के अनुसार महिला बटालियन को सासाराम में वह जगह दी जा रही है, जिसका निर्माण हाल ही में कराया गया है। सासाराम जिले के लिए बने पुलिस लाइन के नवनिर्मित भवन में फिलहाल डेहरी में चल रहे पुलिस लाइन को स्थानांतरित किया जाना था, पर महिला बटालियन को तुरंत शुरू किए जाने को लेकर यह व्यवस्था की गयी है कि सासाराम स्थित पुलिस लाइन के नये भवन में महिला बटालियन को जगह दे दी जाएगी। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे पर काफी गंभीर है। सिपाही भर्ती परीक्षा का परिणाम आने के बाद एक हजार महिला आरक्षी उपलब्ध हो जाएंगी। मौके और भी हैं। देसी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों और बड़ी तादाद में महिला सिपाही की भर्ती के साथ-साथ अगले साल 3613 चिकित्सकों की नियुक्ति के लक्ष्य से शिक्षितों के लिए उम्मीद की पहली किरणें हैं। इसमें कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रति मुस्तैदी दिखाई जा रही है(संपादकीय,दैनिक जागरण,पटना,8.12.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।