पहाड़ी तहसील बनी में बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की शाखा न होने से छात्रों को परेशान होना पड़ता है। लोगों ने सरकार से शिक्षा बोर्ड की शाखा खोलने की मांग की है। स्थानीय पवन चौहान, मोती राम, मदन लाल, भूषण कुमार ने कहा कि सरकार ने मैदानी तहसीलों में शिक्षा बोर्ड की शाखा पहले खोली, लेकिन तहसील बनी की अनदेखी की गई है। कस्बे को छोड़कर अन्य इलाका अभी तक सड़क से नहीं जुड़ा है। बच्चों को छह से आठ घंटे पैदल चलकर बनी पहुंचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक मामूली काम के लिए भी बच्चों को दो दिन बसोहली से घर आने-जाने में लग जाते हैं और कई बार बोर्ड अधिकारी न होने पर समय और लग जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अधिकांश लोग गरीब हैं और ऐसे में उन्हें बसोहली बोर्ड जाने में मुश्किल होती है। लोगों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बनी में शिक्षा बोर्ड की शाखा शीघ्र नहीं खोली गई तो वह लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं, बनी के विधायक मास्टर लाल चंद का कहना है कि वह बोर्ड के उच्चाधिकारियों से शिक्षा बोर्ड की शाखा खोलने की मांग करेंगे। उन्होंने जल्द बोर्ड की शाखा खुलने की उम्मीद जताई(दैनिक जागरण,महानपुर-कठुआ,15.12.2010)।
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