कभी अमीरों का शौक रहा शेयर कारोबार अब हर खासो-आम तक पहुंच गया है। इसमें आय की बेहतरीन संभावनाओं को देखते हुए अब आम आदमी भी अपनी गाढ़ी कमाई का कुछ अंश निवेश करने से नहीं चज्क रहा है। शेयरों के प्रति लगातार बढ़ रहे इस आकर्षण के चलते शेयर व वित्त बाजार का बड़ी तेजी से विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ेगी। इस मांग को पज्रा करने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अब प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों व कालेजों की मदद लेने जा रहा है। तैयार योजना के अनुसार शेयर ब्रोकर, स्टॉक मार्केट एजेन्ट, डिस्ट्रीब्यज्टर्स जैसे कैपिटल मार्केट प्रोफेशनल्स अब विश्वविद्यालयों व कालेजों में तैयार होंगे। दरअसल एनएसई 1998 से स्टॉक एक्सचेंज व कैपिटल मार्केट के लिए प्रोफेशनल्स तैयार करने का कार्य कर रहा है। इसके लिए एनएसई सर्टिफिकेशन इन फाइनेंन्शियल मार्केट्स (एनसीएफएम) के पाठ्यक्रम शुरू किए गए थे। इसमें एनएसई.आईटी के देश भर में फैले केन्द्रों पर इन्टरनेट व इन्ट्रानेट सुविधाओं के माध्यम से व्यक्ति की दक्षता की जांच कर प्रमाणपत्र दिए जाते रहे हैं। यह प्रमाणपत्र स्टॉक एक्सचेंज से जुड़ी नौकरियों व व्यवसाय के लिए जरूरी हैं। कैपिटल मार्केट के भारी विस्तार को देखते हुए अब एनएसई ने अगस्त 2009 में इस कार्य में प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थाओं को भी शामिल करने का प्रस्ताव किया था। इसेअमली जामा पहनाया जा रहा है। एनएसई सर्टीफाइड मार्केट प्रोफेशनल्स नामक इस योजना में तीन से चार माह के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम व एक वर्ष तक के डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित होने हैं। इसमें छात्रों को एनएसई व संबंधित कालेज का संयुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा। फिलहाल, इस पाठ्यक्रम के साथ देश के बड़े महानगरों के आठ कालेज जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश में अभी इसकी शुरुआत होनी बाकी है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ भी इस पाठ्यक्रम को संचालित करने के लिए कतार में है। विद्यापीठ के वाणिज्य संकाय ने इसके लिए आवेदन कर रखा है। डीन प्रो. ए के मिश्रा के अनुसार अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल से विद्यापीठ में एनएसई के पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे। यह पाठ्यक्रम बीकॉम के छात्रों के लिए खासे महत्वपर्ज्ण रहेंगे।
कैपिटल मार्केट के हर कार्य में प्रमाणपत्र जरूरी :
भारतीय प्रतिभज्ति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी वित्तीय कारोबार में आने वाले हर प्रोफेशनल्स के लिए पढ़ाई अनिवार्य कर रखी है। इसमें म्युच्युअल फंड से लेकर करेंसी तक के व्यवसाय में जुड़े लोग, ब्रोकर आदि शामिल हैं। सेबी खुद भी एनआईएसएम नामक पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। इसमें छह अलग अलग पाठ्यक्रम हैं। सेबी द्वारा जज्न 2010 में जारी आदेश के अनुसार एनआईएसएम का पांच अ पाठ्यक्रम म्युच्युअल फंड के किसी भी कारोबारी जिसमें एजेंन्ट, ब्रोकर, डिस्ट्रीब्यज्टर, सब ब्रोकर या इनके कर्मचारी शामिल हैं, के लिए उत्तीर्ण करना जरूरी है। इसी तरह एनआईएसएम श्रृंखला एक करेंसी व्यवसाय से जुड़े सभी के लिए अनिवार्य है(दैनिक जागरण,वाराणसी,21.12.2010)।
ाच्छी जानकारी। आभार।
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