अब शिक्षा के साथ छात्राओं को वह ज्ञान भी पढ़ाई के साथ ही मिल जाएगा जिसे वे अपनी मां या फिर शिक्षा ग्रहण करने के बाद हासिल करती हैं। जिला शिमला के तहत छठी से आठवीं कक्षा तक की छात्राओं को लाइफ स्किल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्राओं को खंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का खर्च सर्व शिक्षा अभियान के तहत होगा।
वर्तमान वित्तीय वर्ष की योजना में इसे शामिल किया है। लाइफ स्किल प्रशिक्षण की योजना विशेष रूप से छात्राओं के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत जेंडर सेंस्टीविटी प्रशिक्षण भी शामिल होगा। इसमें बच्चियों को बेटी-बेटी एक समान के बारे जानकारी दी जाएगी। दूसरा प्रशिक्षण हेल्थ हाइजीन विषय पर केंद्रित रहेगा। इसमें छात्राओं को उम्र के साथ आने वाले बदलाव बारे विशेषज्ञ डाक्टर जानकारी देंगे। तीसरा बागबानी का प्रशिक्षण होगा। विभाग के विशेषज्ञ छात्राओं को प्लांटेशन, नर्सरी लगाने तथा समय अनुसार पौधों की देखरेख से संबंधित जानकारी देंगे। देहा खंड में २१ दिसंबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। चौपाल और नेरवा में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है। अभियान के तहत प्रशिक्षण प्रत्येक इंटरवेंशन के लिए १५ हजार रुपए की राशि खंड स्तर पर स्वीकृत की है।
जिला शिमला के तहत ३५५ माध्यमिक, १११ उच्च माध्यमिक तथा १९५ वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें प्रत्येक स्कूल से छठी से आठवीं कक्षा में अध्ययनरत एक दर्जन छात्राओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया है। जिला योजना समन्वयक वीरेंद्र चौहान ने बताया कि प्रशिक्षण का छात्राओं को लाभ मिलेगा। सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी केके धीमान ने बताया कि परियोजना के तहत खंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें बीआरसीसी, जिला मुख्यालय से रिसोर्स पर्सन और विभागों के विशेषज्ञ भेजे जा रहे हैं(अमर उजाला,शिमला,21.12.2010)।
अच्छी जानकारी। आभार।
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