पहली बार हो रही द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को हुए गणित विष्ाय के पेपर में सारे सवाल केवल हिन्दी में पूछे गए, इसमें सवाल समानांतर रूप से अंग्रेजी में नहीं आए। इससे अंग्रेजी माध्यम के हजारों विद्यार्थी सवालों को आधे-अधूरे ही हल कर पाए।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सोमवार को गणित और सिंधी विषय की परीक्षाएं आयोजित हुई। सामान्य ज्ञान के बाद गणित के पेपर में कुल 300 अंकों के 150 सवाल पूछे गए थे। पेपर को देखते ही अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी हैरत में पड़ गए, क्योंकि पूरा पेपर केवल हिन्दी माध्यम में था।
जानकारों के अनुसार गणित विषय की अपनी एक तकनीकी शब्दावली होती है और तकनीकी शब्दों को दोनों भाषाओं में समझ पाना अभ्यिर्थियों के लिए मुश्किल है।
अभ्यर्थी रामप्रकाश, सुरेन्द्र और विनीता ने बताया कि हमारे बहुत सारे प्रश्न इसी वजह से छूट गए। आरपीएससी समेत अघिकांश आयोग और अन्य बड़ी परीक्षाएं दोनों भाषाओं में होती हैं।
बढ़ा अनुपस्थिति का आंकड़ा
शिक्षक भर्ती के दूसरे दिन गणित और सिंधी विषय की परीक्षा में अनुपस्थिति का आंकड़ा दूसरे दिन और भी बढ़ गया। गणित में 37 केन्द्रों पर 10287 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 2778 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सिंधी के 7 विद्यार्थियों में से केवल दो ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि पांच परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
सूचना पहले ही दे दी थी
सभी विषयों की परीक्षा केवल हिन्दी माध्यम में ही ली जाएगी। इसकी सूचना समाचार पत्रों में दी गई थी, अभ्यर्थियों को इसकी पहले से ही तैयारी करनी चाहिए थी।
के.के. पाठक, सचिव, आरपीएससी
ऎसा करना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। आयोग के इस रवैये से हजारों अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी परीक्षा देते हुए भी प्रश्न पत्र हल नहीं कर पाए-संदीप कलवानियां, अध्यक्ष, शिक्षक भर्ती संघर्ष समिति(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,21.12.2010)
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