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08 दिसंबर 2010

दिल्ली नगर निगम स्कूलों में छात्रवृत्ति देने के आदेश

प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति-जन जातियों के बच्चों को नगर निगम ने छात्रवृत्ति बांटने के आदेश जारी कर दिए हैं। इन बच्चों को लगभग १५ करोड़ रुपए वितरित किए जाने हैं। नई दुनिया ने एक दिसंबर के अंक में छात्रवृत्ति में १५ करोड़ के घोटाले की आशंका की खबर छापी थी। इसके बाद नगर निगम ने यह कदम उठाया है।

नगर निगम में शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागपाल ने बताया कि निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले अजा-अजजा के बच्चों को एक हजार रपए प्रति बच्चा छात्रवृत्ति देने के लिए सभी क्षेत्रीय उपायुक्तों को प्रपत्र जारी कर राशि आवंटित कराने के आदेश दिए गए हैं। इससे लगभग डेढ़ लाख बच्चे लाभान्वित होंगे।

डॉ नागपाल ने बताया कि अल्पसंख्य वर्ग के बच्चों को भी निगम द्वारा लगभग तीन करोड़ की राशि वितरित की जानी है। इसमें से दो करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। जबकि लगभग दस हजार बच्चों को एक हजार रुपए प्रत्येक के हिसाब से भुगतान किया जाना बाकी है।

गौरतलब है कि अनुसूचित जाति-जनजातियों के बच्चों को छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान ३१ मार्च २०१० से पहले किया जाना था। इसके लिए फरवरी २०१० में सभी क्षेत्रीय उपायुक्तों को धनराशि के आवंटन के आदेश दिए गए थे। छात्र-छात्राओं से इसके लिए जरुरी आवेदन पत्र भी तभी भरवा लिए गए थे। पर आज तक भुगतान नहीं किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद अनुसूचित जाति जनजाति आयोग ने पिछले दिनों निगम आयुक्त को जांच कर एक माह में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। इसके बाद निगम के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल छात्रवृत्ति का भुगतान शुरु नहीं हो पाया है। आयोग में भी रिपोर्ट पेश की जानी अभी बाकी है।नई दिल्ली (कासं)। गांवों और अनाधिकृत कालोनियों से संपत्ति कर वसूलने की नगर निगम की कोशिश मुंगेरीलाल के हसीन सपनों जैसी है। उसके पास गांवों या इन कालोनियों में कितनी संपत्तियां है, इसका कोई ब्यौरा नहीं है। दिल्ली नगर निगम अधिनियम के मुताबिक इसकी एक भी धारा गांवों और अनाधिकृत कालोनियों में लागू नहीं होती। इसके बावजूद लोगों को संपत्ति कर के नोटिस जारी कर दिए गए। यह खुलासा खुद निगम अधिकारियों ने एक शॉर्ट नोटिस के जबाव में किया है। इस जबाव के मुताबिक निगम के पास गांवों और कालोनियों की संख्या मात्र है। यहां कितनी संपत्तियां हैं इसकी कोई जानकारी नहीं है। स्थायी समिति के अध्यक्ष योगेंद्र चंदोलिया ने बताया कि अगले वर्ष से संपत्ति कर जमा कराने वालों का पुख्ता रिकार्ड रखे जाने की व्यवस्था की जा रही है(नई दुनिया,दिल्ली,7.12.2010)

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