जिले में तीन हजार से अधिक मंदिरों वाला देव स्थान विभाग महज तीन कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। विभाग के अधीन जिले के कुल 3305 मंदिर हैं। विभाग के अलवर कार्यालय में स्वीकृत पांच पदों में से दो रिक्त हैं। तैनात तीन कर्मचारियों में से भी एक महज सेवागिरी ही काम जानता है, जबकि दो अनुकम्पा नियुक्ति पर लगे हैं।
तीन साल से नहीं निरीक्षक
विभाग के अलवर कार्यालय में तीन साल से निरीक्षक का पद खाली पड़ा है। ऎसे में वर्ष में एक बार होने वाला मंदिरों का निरीक्षण भी भगवान भरोसे है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद भी यहां समाप्त कर दिया गया है। ऎसे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम भी विभाग में तैनात कर्मचारियों को ही करना पड़ रहा है। यहां निरीक्षक का पद रिक्त होने के कारण पुजारियों को मंदिर के काम के लिए जयपुर जाना पड़ता है।
विधानसभा में उठा मामला
हालांकि पिछली विधानसभा में भी अलवरदेव स्थान विभाग कार्यालय में निरीक्षक का पद रिक्त होने का मामला उठाया गया, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका।
यह काम सरकार का है
अलवर के देवस्थान विभाग कार्यालय में कर्मचारी कम हैं। निरीक्षक भी नहीं है। निरीक्षक लगाने का कार्य सरकार के स्तर का है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
-राधेश्याम शर्मा, सहायक निदेशक, देवस्थान जयपुर(राजस्थान पत्रिका,अलवर,6.12.2010)
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