सत्तर हजार प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की तारीखें तय करने के बाद मानव संसाधन विकास विभाग सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 34,540 प्रशिक्षित शिक्षक अभ्यर्थियों की वरीयता सूची उसे उपलब्ध करा चुका है। एकमुश्त नियुक्ति के इस मामले में 7 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। वरीयता सूची को अदालत से हरी झंडी मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। सुनवाई की तारीख पर विभाग व अभ्यर्थियों की नजर है। सहायक शिक्षकों की थोक भाव में नियुक्ति के इस पुराने मामले में विभाग कई वर्ष से अवमानना झेल रहा है। 2006 में ही विभाग ने कोर्ट को आश्वस्त कर दिया था कि ये नियुक्तियां अंजाम दे दी जायेंगी। मगर सरकार इसे टालती रही। याचिकाकर्ता नंदकिशोर ओझा की शिकायत पर जब सर्वोच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति अल्तमस कबीर व एचएन दत्तू की पीठ ने विभाग के अधिकारियों को फटकार लगायी, तब नियुक्ति की कार्रवाई शुरू की गयी। इसके लिए विभाग ने सर्वप्रथम विशेष शिक्षक नियुक्ति नियमावली तैयार की। अदालत ने प्रशिक्षण के वर्ष की वरीयता के आधार पर प्रशिक्षित शिक्षक अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। सितंबर के प्रथम सप्ताह में अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह छह सप्ताह में शिक्षकों की वरीयता सूची तैयार कर उसकी एक प्रति अदालत को व एक प्रति याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराये। मगर, सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग के जरिये प्रक्रिया जारी होने की जानकारी देते हुए समय मांग लिया। इसके आधार पर सरकार ने आयोग से सूची मिलते ही नवंबर माह के शुरू में उसे अदालत व याचिकाकर्ता को उपलब्ध करा दिया। अब सरकार तथा अभ्यर्थियों को अदालत के फैसले का इंतजार है(दैनिक जागरण,पटना,6.12.2010)।
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