राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 21 दिसंबर को संस्कृत ग्रेड सेकंड शिक्षक भर्ती परीक्षा तय कार्यक्रम के मुताबिक होगी। आयोग का कहना है कि प्रदेश भर के हजारों अभ्यर्थी चूंकि परीक्षा देने पूर्व में ही पहुंच चुके हांेगे, ऐसे में परीक्षा स्थगित नहीं की जा सकती।
राजस्थान लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष एमएल कुमावत के मुताबिक मंगलवार को संस्कृत विषय की परीक्षा आयोजित करने का कार्यक्रम है। परीक्षा में प्रदेश भर के एक लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे।
भरतपुर संभाग में करीब 12 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। चूंकि परीक्षा संभागीय मुख्यालयों पर आयोजित की जा रही है, इसीलिए परीक्षा में शामिल होने के लिए हजारों अभ्यर्थी सोमवार को ही संभागीय मुख्यालयों पर पहुंच चुके होंगे या देर रात्रि तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा दो पारियों में हो रही है।
पहली पारी सुबह 10 बजे आरंभ होती है। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों में सुबह आठ बजे पहुंच जाते हैं। ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि परीक्षा तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगी।
परीक्षार्थियों को न रोकें
आयोग अध्यक्ष कुमावत ने आंदोलनकारियों से आग्रह किया है कि वे परीक्षार्थियों को न रोकें क्योंकि सभी अभ्यर्थी कई महीनों से तैयारियां कर रहे हैं। हजारों रुपए उनके खर्च हुए हैं।
हिंदी की परीक्षा पर असमंजस
इस बीच 22 दिसंबर को होने वाली ग्रेड सेकंड हिंदी शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर असमंजस है। परीक्षा में करीब सवा दो लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यर्थियों की अधिक संख्या के कारण जिला स्तर पर परीक्षा आयोजित होगी।
आयोग के साथ राज्य सरकार भी इस परीक्षा को लेकर चिंता में है। यदि आंदोलन ने उग्र रूप धारण किया तो परीक्षा आयोजन प्रभावित हो सकता है, लेकिन आयोग फिलहाल मंगलवार को आयोजित की जा रही संस्कृत विषय की परीक्षा पर ही ध्यान दे रहा है(दैनिक भास्कर,अजमेर,21.12.2010)।
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