राजस्थान उच्च न्यायालय ने उदयपुर के दो निजी बीएड कॉलेजों की मान्यता रद्द करने के आदेशों पर अंतरिम रोक लगाते हुए नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एज्यूकेशन (एनसीटीई) से जवाब तलब किया है। न्यायाधीश गोविंद माथुर ने यह आदेश उदयपुर के पन्नाधाय कॉलेज तथा अनिकेत कॉलेज की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई में दिए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता पीएस भाटी तथा निखिल डूंगावत ने कहा कि पूर्व में एनसीटीई ने उक्त कॉलेजों में कुछ बिंदुओं पर कमी का नोटिस थमाते हुए उनकी मान्यता रद्द करने की धमकी दी थी। इस पर प्रार्थीगण ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने तब एनसीटीई को उनके द्वारा इंगित किए गए बिंदुओं पर उक्त कॉलेजों का तुरंत निरीक्षण करने तथा यदि उन बिंदुओं पर कमी नहीं पाई जाती है तो उनकी मान्यता रद्द नहीं करने के निर्देश दिए थे।
एनसीटीई ने अपने निरीक्षण में कुछ और बिंदुओं पर कमी निकालते हुए उक्त कॉलेज के विद्यार्थियों को 3 दिसंबर तक दूसरे बीएड कॉलेजों में स्थानांतरित करने के आदेश जारी करदिए। इस पर न्यायाधीश माथुर ने एनसीटीई की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए प्रार्थी कॉलेजों में छात्रों की पढ़ाई जारी रखने तथा अदालत में मामले की सुनवाई पूरी नहीं होने तक मान्यता बहाल रखने के आदेश जारी किए(दैनिक भास्कर,जोधपुर-उदयपुर,3.12.2010)।
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