मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

15 दिसंबर 2010

यूपीएससी मॉडल पेपर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के मॉडल पेपर को लेकर स्टूडेंट्स की मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। दरअसल, सेकंड पेपर में कम्यूनिकेशन स्किल,प्रॉब्लम सॉल्विंग,मैथ्स और अनिवार्य हुई अंग्रेजी जैसे टॉपिक्स जुड़ने से टेक्निकल स्टूडेंट्स को काफी उम्मीद थी। जबकि मॉडल पेपर में इससे जुड़े आसान प्रश्न पूछे गए हैं या फिर पहले पेपर के टॉपिक्स से ही संबंधित हैं।

पेपर ऐसा है जिससे किसी विशेष विषय के स्टूडेंट को कोई खास फायदा नहीं होगा। सभी विषयों के स्टूडेंट्स के लिए इसका कठिनाई स्तर एक जैसा ही होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीएससी ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्टूडेंट्स को भी ध्यान में रखकर पेपर डिजाइन किया है जो कि स्टूडेंट्स के हित में है। इसके अलावा सेकंड पेपर को देखकर मैनेजमेंट जैसा पेपर आने की जो उम्मीद थी वह खत्म हो गई।

ज्यादा अंतर नहीं
पहला पेपर पिछले सालों की तरह ही है इसमें कोई खास बदलाव नहीं है। सिर्फ पर्यावरण विषय और जुड़ गया है। कठिनाई के स्तर में और प्रश्नों के प्रारूप में कोई खास अंतर नहीं है। इसकी ७ यूनिट्स के लिए ६ प्रश्न ही सैंपल पेपर में दिए हैं।


इसमें करंट अफेयर्स से जुड़ा प्रश्न नहीं है। वहीं दूसरे पर्चे की बात करें तो अपठित गद्यांश पहले पेपर के इकॉनॉमिक्स से पूछा है यानि कि पूरी संभावना है यह पहले पेपर के विषयों से संबंधित ही पूछा जाएगा। वहीं कम्यूनिकेशन स्किल और इंटरपर्सनल स्किल का कोई प्रश्न मॉडल पेपर में नहीं है जो स्टूडेंट्स के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इसके बाद लॉजिकल रीजनिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग के लिए एक ही प्रश्न है जो पोलिटिकल साइंस से है। 

गणित के तीनों टॉपिक्स के लिए तीन प्रश्न हैं जो पहले की ही तरह हैं। अंग्रेजी में साधारण सा पैसेज पूछा गया है जो यूपीएससी की पूर्व घोषणा के अनुसार 10 वीं क्लास के स्तर का ही है।

इन पर है असमंजस 
दोनों पेपर के लिए प्रश्नों की संख्या नहीं बताई गई है और ना ही निगेटिव मार्किग के संबंध में यूपीएससी ने कुछ बताया है। कम्यूनिकेशन स्किल जैसे विषय नए जोड़ने के बाद भी मॉडल पेपर में इनका कोई प्रश्न नहीं है। जबकि शुरुआत से ही इस विषय को लेकर स्टूडेंट्स काफी चिंतित थे। वहीं जिस तरह से सिलेबस बढ़ा है उसकी तुलना में प्रश्न काफी कम हैं जिससे पेपर को लेकर तस्वीर बहुत साफ नहीं है।

पहला पेपर है अहम 
दूसरे पेपर में जुड़े नए टॉपिक्स के ज्यादा प्रश्न मॉडल पेपर में न होने से स्टूडेंट्स को तैयारी में कई परेशानियां हो सकती हैं। एंबीशन कोचिंग क्लासेस के संचालक राहुल शर्मा कहते हैं कि अभी भी पहला पेपर ही अहम है इसकी तैयारी जमकर करें और दूसरे पेपर को लेकर सावधानी रखें क्योंकि यह रिस्की है। यानि पहला पेपर ही स्कोरिंग होगा। 

यूपीएससी परीक्षा 12 जून को और इसकी मुख्य परीक्षा २९ अक्टूबर को है जिससे स्टूडेंट्स को इसकी तैयारी के लिए पिछले साल से एक महीना कम मिलेगा। लिहाजा वह मुख्य परीक्षा के लिए भी विषय अभी से तैयार करने की सलाह देते हैं(दैनिक भास्कर,भोपाल,15.12.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।