शिक्षा विभाग में करीब आठ हजार रिटायर्ड शिक्षकों के पेंशन संबंधी लंबित मामलों का निपटारा जल्द होने जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशक के आदेशों के बाद संबधित आहरण एवं वितरण अधिकारियों ने इन रिटायर्ड शिक्षकों के पेंशन संशोधन संबंधी अधिकतर मामले महालेखाकार (एजी) कार्यालय भेज दिए हैं।
पांचवें राज्य वेतन आयोग की अधिसूचना के अनुसार लगभग आठ हजार रिटायर्ड शिक्षकों की पेंशन का निर्धारण भी नए वेतनमानों के अनुसार किया जाना था, लेकिन इनके केस संबधित आहरण एवं वितरण अधिकारियों द्वारा महालेखाकार कार्यालय को भेजे ही नहीं गए। एक जनवरी 2006 से 14 अक्टूबर के बीच रिटायर हुए शिक्षकों व अन्य गैर शिक्षक कर्मचारियों के पेंशन से संबधित कम्यूटेशन के मामले भी नहीं भेजे गए थे।
शिक्षकों और कर्मचारियों को जहां नए वेतनमानों के हिसाब मिलने वाले पेंशन संबंधी लाभ का भुगतान भी नहीं हो सका है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पास पेंशन संबंधी मामलों में दो तरह की विकल्प रहती है । जिसमें वह पेंशन कम्यूट करवा कर ले सकते हैं या फिर बिना कम्यूटेशन के भी प्राप्त कर सकते हैं। अगर पेंशन के कम्यूट कराते हैं तो उन्हें 12 साल तक की पेंशन की 40 प्रतिशत एडवांस राशि मिल जाती है। नए वेतनमान के बाद इन्हें कम्यूट किए जाने वाली पेंशन की राशि भी प्राप्त नहीं हुई है। शिक्षा विभाग ने यह निर्देश जारी किए थे कि जो मामले अभी तक संशोधन हेतु नहीं भेजे गए हैं उन्हें तुरंत प्रभाव के साथ महालेखाकार कार्यालय को भेजा जाए जिससे कि पेंशन संबंधी पुनर्निर्धारण के मामलों का तुरंत निपटारा किया जा सके।
यह निर्देश भी जारी किए हैं कि अतिरिक्त पेंशन पर कम्यूटेशन के लिए विकल्प हां या नहीं में पेंशन संबंधी संशोधन मामले के साथ भेजा जाए। इसके अलावा नए वेतनमान के निर्धारण की प्रविष्टि संबधित सेवा पंजिका में अनिवार्य रूप से करने को कहा है और इस बारे में शिक्षा निदेशालय को भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. ओपी शर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग में लगभग आठ हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन पुनर्निर्धारण संबधी मामलों को महालेखाकार कार्यालय को अतिशीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए थे(दैनिक भास्कर,शिमला,30.12.2010) ।
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