मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

02 दिसंबर 2010

झारखंडःनिजी स्कूलों को स्थापना की मान्यता प्राप्त नहीं

स्थापना अनुमति प्राप्त विद्यालय निजी स्कूल की श्रेणी में नहीं आते हैं। ऐसे स्कूलों की जमीन राज्यपाल के नाम से निबंधित है। सरकार द्वारा गठित शासी निकाय द्वारा इन स्कूलों का संचालन हो रहा है। शासी निकाय में स्थानीय विधायक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी और परिषद के प्रतिनिधि शामिल हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री वैद्यनाथ राम से मिलकर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ झारखंड, रांची ने अपनी व्यथा सुनाई। झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इस वर्ष स्थापना की अनुमति प्राप्त हाईस्कूलों की छात्राओं को भी पंजीयन व परीक्षा शुल्क देना निर्धारित कर दिया है। शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। मंत्री ने आश्र्वस्त किया कि छात्राओं को पंजीयन व परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा।शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षो में इन स्कूलों की छात्राओं को रजिस्ट्रेशन व परीक्षा फीस नहीं देनी होती थी। शिक्षकों की मांग पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे मामले पर सरकार की नजर है। जांच कर अगली कार्रवाई होगी। हालांकि पिछली बार जब शिक्षक प्रतिनिधियों ने मंत्री से मुलाकात की थी, तो इस बारे में जैक से कारण पूछागया था। इसके जवाब में जैक ने स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूलों को निजी बताकर छात्राओं की फीस माफ करने की मांग को अस्वीकृत कर दिया था। दोबारा जब इस मामले में बुधवार को शिक्षकों ने मंत्री से कार्रवाई का अनुरोध किया तो उन्होंने फाइल मंगाकर देखने की बात कही(दैनिक जागरण,रांची,2.12.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।