राज्य के तमाम शिक्षा संस्थानों में एंटी रैंगिंग काउंसेलिंग सेल को कार्य में लाने के लिए ओड़िशा हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किया है। बीजू पटनायक यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाजी यानी बीपीयूटी की ओर से हाईकोर्ट में दायर एक याचिका की सुनवाई कर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस बी. गोपालगौड़ एवं न्यायाधीश जस्टिस बी. एन. महापात्र को लेकर गठित खंडपीठ ने यह निर्देश जारी करने के साथ साथ पिल्लू-मोदी के छात्र-छात्राओं को दुबारा ऐसा न करने की सख्त हिदायत दी है। रैंगिंग करने के आरोप में पिल्लू-मोदी के 5 छात्र-छात्राओं को बीपीयूटी ने दंडित करते हुए 13 सितम्बर से दो साल के लिए कालेज में पढ़ाई एवं परीक्षा पर पाबंदी लगायी थी। जिसको चुनौती देते हुए अर्जित, गौरव दास महापात्र एंवं पवित्रा साहू ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। इसकी सुनवाई कर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मदनमोहन दास ने बीपीयूटी के आदेश को रद्द कर दिया। सिंगल जज द्वारा दिए गए इस आदेश को चुनौती कर बीपीयूटी अधिकारियों ने डबल बेंच से गुहार लगाया था। जिसकी सुनवाई खत्म कर मामले को रफादफा करते हुए एंटी रैंगिंग काउंसेलिंग सेल गठन कर उसे कार्य में लाने के लिए निर्देश दिया हैं(दैनिक जागरण,कटक,8.12.2010)।
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