उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा नौ की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक को पूर्णरूप से संशोधित कर दिया है। पुराने पाठ्यक्रम को हटाकर नवीन पाठ्यक्रम एनसीएफ (राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2005) के आधार पर सृजित किया गया है। पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरणीय अध्ययन, नागरिक जीवन एवं आर्थिक विकास शामिल किये गए हैं। इसी तरह अन्य विषयों के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जाएगा। सत्र 2010-11 में सामाजिक विषय में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, भौतिक संसाधनों का दोहन, अर्थव्यवस्था की महत्ता, भारतीय न्याय व्यवस्था, भारतीय संविधान का स्वरूप एवं लक्षण, राजनीतिक क्रांतियां, विकसित देशों की ओर भारत के बढ़ते कदम, भारतीय अर्थ व्यवस्था का औद्योगिकीकरण एवं आर्थिक विकास की दशा एवं विदेशी व्यापार शामिल किये गए हैं। यूपी बोर्ड के छात्रों को अब ऐतिहासिक एवं भौगोलिक तथ्यों के साथ समसामयिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सामाजिक विज्ञान विषय में छात्र वर्तमान सत्र से बदले हुए पाठ्यक्रम से रूबरू हो रहे हैं। इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडीज की निदेशक प्रो. रामबेटी अहिरवाल के अनुसार बदले पाठ्यक्रम के दूसरे फेरे का प्रशिक्षण संस्थान में चल रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में परिवर्तित पाठ्यक्रम की अवधारणा व स्वरूप एवं शिक्षण की प्रवृत्ति पर चर्चा की जा रही है। यूपी बोर्ड की सचिव प्रभा त्रिपाठी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि अब हाईस्कूल के समस्त अनिवार्य विषयों में केवल एक प्रश्नपत्र होंगे। इसी क्रम में समाजिक विषय में एक प्रश्नपत्र की व्यवस्था की गई है। एक प्रश्नपत्र पर आधारित परीक्षा में अंक वितरण चार भागों मे बंटा होगा(अजहर अंसारी,दैनिक जागरण,इलाहाबाद,3.12.2010)।
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