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06 दिसंबर 2010

मध्यप्रदेशःकॉलेज शिक्षकों का बकाया शीघ्र मंज़ूर होने की संभावना

छठवां वेतनमान मिलने के बाद नौ महीने से पुराने बकाया का इंतजार कर रहे प्रोफेसरों के लिए अच्छे संकेत हैं। केंद्र और राज्य शासन के बीच पहले आप की लड़ाई में फंसी एरियर्स की राशि जल्द ही मंजूर हो सकती है। इस लड़ाई को खत्म करने का जरिया बनेगा राज्य शासन का के डिपाजिट। जानकारी के अनुसार राज्य शासन को कालेजों के शिक्षकों को एरियर्स का करीब 400 करोड़ रुपए भुगतान करना है। राज्य शासन द्वारा 16 अप्रैल को छठवां वेतनमान लागू करते ही इस एरियर्स की राशि से किनारा कर लिया गया था। साथ ही राज्य शासन ने शर्त लगा दी थी कि केंद्र से पूरी राशि मिलने के बाद ही एरियर्स का भुगतान किया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में केंद्र को पत्र भी भेज दिया था। मगर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया था कि पहले राज्य शासन यह राशि भुगतान करे, राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही केंद्र द्वारा राशि जारी की जाएगी। लंबे समय से पहले आप की स्थिति ही बनी हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अलावा प्रदेश के आला अधिकारी तथा शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी कई बार अपने स्तर पर दिल्ली जाकर बातचीत कर चुके हैं। सूत्रों के मानें तो हर बार बेनतीजा रही बातचीत को देखते हुए राज्य शासन ने अब नया रास्ता खोज लिया है। इसके तहत एरियर्स भुगतान के लिए जरूरी राशि जल्द ही राज्य के के डिपोजिट मेंडाली जा सकती है। एरियर्स के मद में राशि जारी कर शासन अपने दूसरे खाते में रख लेगी। इससे यह राशि भले ही खर्च न की जाए, लेकिन एरियर्स के खाते में फिक्स हो जाएगी। इसके आधार पर केंद्र को उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी भेजा जा सकता है। बताया जाता है कि राज्य शासन के इस रास्ते को केंद्र ने भी सहमति दे दी है। सूत्रों की माने तो राज्य शासन ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। नए साल पर जनवरी में ही प्रदेश के छह हजार प्रोफेसरों को एरियर्स की राशि का तोहफा मिल सकता है(दैनिक जागरण,भोपाल,6.12.2010)।

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