मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

06 दिसंबर 2010

उत्तराखंडःसीबीएसई-आईसीएसई के सिलेबस सीडी में सिमटे

भारतीय संस्कृति में वेद-उपनिषद, आरण्यक, ब्राह्मण आदि ग्रंथों को सदियों से वाचिक परंपरा के माध्यम से अर्थात सुनाकर-सुनकर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाते रहे हैं। देखकर-सुनकर बहुत सी चीजें जल्दी और ज्यादा अच्छी तरह से याद होती हैं। इसी सोच के तहत सीबीएसई-आईसीएसई के सिलेबस की सारी पुस्तकें सीडी के रूप में कुछ कंपनियों ने निकाली है। सीडी छात्रों में खासी लोकप्रिय हो रही है।
वैसे तो सीडी के जरिये शिक्षा और मनोरंजन की बात नई नहीं है, लेकिन सीबीएसई और आईसीएसई जैसे शिक्षा बोर्डों के सिलेबस वाली पूरी किताबें सीडी की शक्ल में लाना नया प्रयोग है। कंप्यूटर स्क्रीन पर देखकर कई चीजें आसानी से याद हो जाती हैं। इसी सोच को लेकर सीडी उतारी गई हैं। सीडी सिंगल सब्जेक्ट से लेकर पूरे सब्जेक्ट ग्रुप की उपलब्ध हैं। दाम भी उसी के हिसाब से 250 से लेकर 1500 रुपये तक है। इसके लाभ भी हैं। पूरे सब्जेक्ट ग्रुप की किताबें एक साथ ले जाना असुविधाजनक है जबकि मोटी-मोटी किताबों की जगह स्लिम सीडी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना भी काफी आसान है। इस बारे में आर्य गुरुकुल से संबंधित पीपी शर्मा बताते हैं कि यहां पर छात्रों को पारंपरिक ऋषि पद्धति से पढ़ाया जाता है। इससे विद्यार्थियों को कोई चीज कंठस्थ करने में आसानी होती है। सीडी विक्रेता सुनील कुमार बताते हैं कि एग्जाम करीब हैं। इसलिए छात्रों में सिलेबस की सीडी बहुत लोकप्रिय हो रही है। कई छात्रों का भी मानना है कि इनसे याद करने में आसानी होती है(अमर उजाला,देहरादून,6.12.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।