यूपी बोर्ड परीक्षा 2010-11 के लिए परीक्षा केंद्रों पर अभी तक खींचतान चालू है। इस वर्ष परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति में अनुदानित कालेजों के न होने की स्थिति में ही वित्तविहीन कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कहा गया। इसके चलते मेरठ में केवल 22 वित्तविहीन कालेज परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन पर भी कमिश्नर ने जांच की तलवार लटका दी है। गत 25 नवंबर को मंडलीय परीक्षा केंद्र निर्धारण बैठक में कमिश्नर ने मेरठ, गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर के वित्तविहीन कालेजों में बने परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए डीएम को निर्देश दिए। मेरठ में कुल 140 परीक्षा केंद्रों में 22 वित्तविहीन कालेजों में बनाए गए। गाजियाबाद में कुल 107 कालेजों में परीक्षा केंद्रों की संस्तुति की गई। मेरठ में डीएम की जांच में पांच परीक्षा केंद्र निरस्त किए जा चुके हैं। 22 में से कुल 17 को निरस्त करने की तैयारी है। डीएम भुवनेश कुमार ने बताया कि जिन वित्तविहीन कालेजों की छवि अच्छी है व जिनके आसपास अनुदानित कालेज नहीं है, केवल वहीं केंद्र बनाए जाएंगे, बाकी सभी निरस्त होंगे। गाजियाबाद के परीक्षा केंद्रों की जांच करने के लिए शनिवार को दो सदस्यीय टीम ने दौरा किया। यहां सात वित्तविहीन कालेजों में बने परीक्षा केंद्रों को निरस्त होने की संभावना है(दैनिक जागरण,मेरठ,8.12.2010)।
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