राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के फैसले की पुष्टि करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से नई नियुक्तियां किए जाने तक संविदा पर कार्यरत विद्यार्थी मित्रों की सेवाएं जारी रखने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा तथा न्यायाधीश कैलाश जोशी की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर 332 विशेष अपीलों को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। न्यायालय में सरकार की ओर से अतिरिक्तमहाधिवक्ता आरएल जांगिड़ ने कहा कि उक्त योजना सामाप्त कर दी गई है, इसलिए विद्यार्थी मित्रों की सेवाएं जारी रखना उचित नहीं है।
उन्होंने पूर्व में उच्च न्यायालय की एकलपीठ द्वारा दिए गए निर्णय को सरकारी नियमों के विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने का आग्रह किया। इस पर खंडपीठ ने कहा कि जब तकआरपीएससी की ओर से स्थाई नियुक्तियां नहीं कर दी जाती, तब तक संविदा पर कार्यरत विद्यार्थी मित्रों की सेवाएं जारी रखी जाएं(दैनिक भास्कर,जोधपुर,8.12.2010)।
अच्छी जानकारी, धन्यवाद।
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