लोगों को सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रुपए लूटने वाले एक फर्जी पुलिस सब इंस्पेक्टर को पकड़ा गया है। श्रीनगर निवासी इस युवक को नवाबाद पुलिस ने वीरवार को काबू किया है जिससे पूछताछ चल रही है। पुलिस ने उसके कब्जे से कुछ फर्जी कागजात तथा अन्य चीजें भी बरामद की हैं।
जानकारी के अनुसार चांद नगर के राजकुमार ने चार महीने पहले श्रीनगर के नाटीपुरा के रहने वाले तस्दुक्क मलिक को सरकारी नौकरी लगवाने के लिए दो लाख रुपए दिए थे। वह कृष्णानगर में किराये के मकान में रहता था। पैसों के बदले मलिक ने उसे अस्पताल में एनओ का आर्डर भी दिया था, जो फर्जी निकला। उसके बाद मलिक फरार हो गया। पैसे देने के बाद शिकायकर्ता उसे लगातार तलाश कर रहा लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला।
इसके बाद पुलिस में रपट दर्ज करवाई। पुलिस भी उसकी तलाश में लगी हुई थी। वीरवार को राजकुमार ने मलिक को ज्यूल क्षेत्र में घूमते हुए देखा और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया तथा थाने में लाया। उसके कब्जे से काफी सामान बरामद हुआ। इतना ही नही शिकायत करने वाले ने पुलिस को एक फर्जी आदेश भी सौंपा है।
डीएसपी शिव देव सिंह चौहान का कहना है कि सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा है। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ चल रही है जिसके बाद ही बताया जा सकता है कि वह कितने लोगों को अपने झांसे में फंसाकर लूट चुका है। फिलहाल पुलिस के सामने एक दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं।
यूं बनाता था लोगों को बेवकूफ
अपने आपको पुलिस का सब इंस्पेक्टर बताने वाला यह युवक दर्जनों लोगों को लूट चुका है। लोगों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठ लेता था। लोगों को अस्पताल में ले जाकर कमरे के बाहर खड़ा कर खुद अधिकारियों के कमरों में चला जाता। इसके चलते लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे। इस तरह से लोगों को लूट कर वह तीन माह से फरार था। उसने जिन लोगों को नौकरी के नाम पर लूटा है, वे पुलिस के पास आ रहे है। पुलिस उसके पुराने रिकार्ड की भी जांच कर रही है(दैनिक भास्कर,जम्मू,17.12.2010)।
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