पंजाब यूनिवर्सिटी से बिना एफिलिएशन लिए पीजी कोर्स शुरू करने के मामले में सेक्टर-१० स्थित होम साइंस कालेज पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा पीयू प्रशासन ने भी सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। पीयू की जांच कमेटी ने मामले में कालेज प्रिंसिपल से जल्द रिपोर्ट तलब करने के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी अनुसार कालेज में पीजी कोर्स इन ड्रेड एंड फैशन डिजाइनिंग चल रहा है। इसमें कुल २४ सीटों पर छात्राओं को दाखिला दिया जाता है। लेकिन इस कोर्स की सीटें खाली रहने पर कालेज ने बिना पीयू से एफिलिएशन लिए पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड फैमिली काउंसिलिंग में १२ सीटों पर दाखिले दे दिया। कोर्स की मान्यता न होने के बारे में छात्राओं को भी जानकारी नहीं दी गई। लेकिन दिसंबर में एग्जामिनेशन फार्म जब पीयू पहुंचे तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। होम साइंस कालेज-१० में पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड फैमिली काउंसिलिंग में सत्र २०१० में दाखिला लेने वाली १२ छात्राओं के डिप्लोमा पर तलवार लटकी हुई है। सूत्रों के अनुसार पीयू इस मामले में कालेज पर तो सख्त कार्रवाई करेगा।
इन कालेजों ने भी किया धोखा
शहर के कालेजों में बिना एफिलिएशन कोर्स शुरू करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई प्राइवेट कालेज इस मामले में फंस चुके हैं। सेक्टर-१० स्थित डीएवी कालेज में चार वर्षीय बीपीएड कोर्स, सेक्टर-३२ स्थित एसडी कालेज में एमसीए, पीयू स्थित बीए बीएड (इंटीग्रेटेड कोर्स-चार वर्षीय),सेक्टर-११ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज में बीपीएड, में बिनाएफिलिएशन कोर्स शुरू होने के मामले सामने आ चुके हैं।
उधर, डायरेक्टर हायर एजूकेशन अजोय शर्मा ने कहा कि होम साइंस कालेज में बिना एफिलिएशन पीजी कोर्स शुरू होने की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों से मिली है। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। अभी मैं बाहर हूं। कालेज प्रिंसिपल से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जाएगी।
इस संबंध में होम साइंस कालेज सेक्टर-१० की प्रिंसिपल रीटा सिंह का कहना है कि एक अन्य कोर्स में कालेज के पास २४ सीटें थी। लेकिन इसमें छात्राएं दाखिला नहीं ले रही थी। इसलिए कालेज ने १२ सीटों के साथ पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड फैमिली काउंसिलिंग में छात्राओं को दाखिला दे दिया।
मामले को पीयू प्रशासन के साथ सुलझा लिया गया है। छात्राओं के भविष्य को कोई खतरा नहीं है। छात्राओं के एग्जामिनेशन फार्म भी पीयू में जमा हो चुके हैं। जांच कमेटी के हेड प्रो.नवल किशोर ने कहा कि कालेज ने पूरी तरह नियमों की अनदेखी की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अभी तक सिर्फ प्राइवेट कालेजों में ही बिना एफिलिएशन के कोर्स शुरू करने के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन शहर के एक नामी सरकारी कालेज ने भी ऐसा कमाल कर दिखाया है। कोर्स शुरू करने के लिए पीयू से कोई एफिलिएशन ली और कोर्स में १२ छात्राओं को दाखिला दे दिया। मामले का खुलासा सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट की बैठक में हुआ, जिस पर सिंडीकेट ने कालेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई।
सेक्टर-१० स्थित गवर्नमेंट होम साइंस कालेज ने सत्र २०१० में पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड फैमिली काउंसिलिंग का कोर्स शुरू किया था। इसके लिए न तो पंजाब यूनिवर्सिटी को एफिलिएशन के लिए अप्लाई किया गया और न ही कोई इंस्पेक्शन टीम पहुंची। मामला उस समय खुला जब कुछ रोज पहले कालेज ने १२ छात्राओं के सालाना एग्जाम के लिए पीयू को आवेदन किया, लेकिन जब प्रशासन को कोर्स की एफिलिएशन ही नहीं होने की बात पता चली तो सभी के होश उड़ गए।
पीयू सिंडीकेट में मामले का खुलासा होने पर कुलपति सहित अन्य सदस्य भौचक्के रह गए। बैठक में पहले कालेज पर अन्य कालेजों की तरह एक लाख रुपये जुर्माना लगाने की बात उठी, लेकिन बाद में गवर्नमेंट कालेज में ऐसा मामला होने के कारण पीयू ने मामले की पूरी पड़ताल करने का फैसला लिया है। इस मामले में प्रो.नवल किशोर, डा. केशव मल्होत्रा और डा. कर्मजीत सिंह की अगुवाई में एक कमेटी को गठित कर पूरे मामले जी जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपने की बात कही गई है(अमर उजाला,चंडीगढ़,15.12.2010)।
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