आरक्षण की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे गुर्जरों का आंदोलन और तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार आरक्षण के मुद्दे पर गुर्जरों के समर्थन में अब जाट समुदाय भी पटरियों पर उतर आया है। इस बीच राजस्थान के भरतपुर जिले के पीलूपुरा में रेलवे ट्रेक पर कब्जा किए बैठे गुर्जर नेता आरक्षण पर अड़ गए हैं। आंदोलनकारियों ने करौली और हिण्डौन में रास्ते रोके तथा बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 11, आठ व तीन पर चक्का जाम का ऎलान किया है।
सूत्रों ने बताया कि जाट समुदाय ने भी गुर्जरों की सरकारी नौकरियों में 5 फीसदी आरक्षण की मांग का समर्थन किया है। मंगलवार को जाट आरक्षण समिति के अध्यक्ष याशपाल मलिक ने गुर्जर नेताओं से मुलाकात के लिए एक प्रतिनिघिमंडल पीलूपुरा भेजा और गुर्जर आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही। सूत्रों ने बताया कि पड़ोसी राज्य हरियाणा से भी जाट समुदाय का समर्थन गुर्जर आंदोलन को मिल सकता है।
उधर सरकार ने गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के पास वार्ता का प्रस्ताव भेजा जिसे उन्होंने ठुकराते हुए पटरी पर ही आरक्षण का कागज भेजने की मांग की। उधर, फिशप्लेट उखाड़ कर रेलवे ट्रेक को क्षतिग्रस्त करने के मामले में बयाना थाना पुलिस ने सोमवार रात करीब दस बजे बैंसला समेत बीस गुर्जरों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया।
रेलवे ने दिल्ली, मुम्बई मार्ग पर 4 गाडियां रद्द कर दी हैं जबकि 30 का मार्ग बदल दिया है। रोडवेज ने सिकंदरा, दौरा और महावीरजी जाने वाली करीब 150 बसों को वाया महुआ निकाला। करौली, बयाना व हिण्डौन के बीच बसों का संचालन बंद रहा। सुरक्षा के इंतजाम और कडे कर दिए गए हैं। हिण्डौन के आस-पास भारी जाप्ता तैनात है। आरएसी के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस की आधा दर्जन कम्पनियां बुलाई गई हैं।
पीलूपुरा में ट्रेक पर जमा आंदोलनकारियों का साथ देने मंगलवार सुबह से गुर्जर समाज के लोगों का आना शुरू हुआ। पूर्व सांसद विश्वेन्द्र सिंह ने मंगलवार को पीलूपुरा में रेलवे ट्रेक पर धरना देकर बैठे कर्नल किरोडी बैंसला की मोबाइल पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात कराई। उन्होंने बैंसला को एक चिटी भी सौंपी।
पटरी पर दो प्रमाण
बैंसला ने ट्रेक पर ही पत्रकारों से कहा कि समाज आरक्षण की मांग को लेकर छह बार आंदोलन कर चुका है, लेकिन दोनो सरकारों ने अभी तक धोखा ही दिया। इस बार उन्हें पांच प्रतिशत आरक्षण का कागज पटरी पर ही चाहिए। इसे आखिरी आंदोलन बताते हुए बैंसला ने सीएम से कहा कि मदनपुर समझौते की पालना किसी भी हाल में करवाएं। इससे पहले जब मुख्यमंत्री ने उनसे हालचाल जाने तो बैंसला ने कहाकि वे ट्रेक पर आंदोलनकारियों के लिए रजाईयां भिजवा दें।
फायर किया तो भीड ने भगाया
पड़ाव स्थल पर मंगलवार दोपहर को एक युवक ने जोश में आकर बंदूक से हवाई फायर कर दिया। भीड़ ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने दो और फायर कर दिए। यह देख मंच से ऎलान किया गया कि यह शरारती तत्व है तथा उसे आंदोलन से अलग बताया। उस युवक के दोनों कंधों पर बंदूक लटकी थी। बाद में उसे एक अन्य बंदूकधारी युवक अपने साथ ले गया।
प्रदर्शन से चेता प्रशासन
हिण्डौन में दोपहर करीब दो बजे कुछ युवक प्रदर्शन करते हुए बाजार बंद कराने लगे। थोड़ी देर में बाद पहुंचे पुलिस बल ने युवकों को भगाया। गुर्जरों ने हिण्डौन व करौली जाने वाले कुछ रास्तों पर यातायात रोका। यह देख प्रशासन सक्रिय हुआ। हिण्डौन में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा गया। यहां आरएसी की तीन कम्पनियों के अलावा सीआरपीएफ की पांच कम्पनियां और तैनात किए जाने की निर्णय लिया गया। ये कम्पनियां चण्डीगढ़ व दिल्ली से पहले ही बुला ली गई थी।
हाईकोर्ट में सुनवाई आज
राजस्थान हाईकोर्ट बुधवार को 50 फीसदी से अघिक आरक्षण के मामले में सुनवाई करेगा। सरकार ने पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अघिवक्ता पी.पी. राव को बुलाया है। मुख्य न्यायाधीश अरूण मिश्र व न्यायाधीश महेश भगवती की खण्डपीठ के समक्ष जी. शर्मा की पत्र याचिका व एक अन्य याचिका बुधवार को सुनवाई के लिए लगी है।
सरकार ने मई में गुर्जर आंदोलन के बाद समझौता होने पर मामले की जल्दी सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र भी पेश किया था। हाईकोर्ट ने जी. शर्मा के पत्र को याचिका मानते हुए पिछले साल 50 फीसदी से अघिक आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इस कारण गुर्जरों समेत विशेष पिछड़ा वर्ग में शामिल अन्य जातियों को चार फीसदी आरक्षण अटक गया।
नौकरियों का गणित
राज्य सरकार ने हाल ही एक लाख नौकरियों की घोषणा की, जिनके लिए 15 से 20 लाख आवेदन आ सकते हैं। इन एक लाख नौकरियों में से एक हजार गुर्जर सहित एसबीसी में शामिल जातियों को अभी मिल जाएंगी, चार हजार पद इस वर्ग के लिए सुरक्षित रहेंगे। पचास फीसदी से अघिक आरक्षण को हाईकोर्ट की हरी झण्डी मिलने तक एसबीसी के अभ्यर्थियों को ओबीसी के 21 फीसदी कोटे का लाभ मिलता रहेगा।
छह मई 10 को यह हुआ समझौता
(प्रमुख गृह सचिव व कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के हस्ताक्षर)
एसबीसी के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण पर राज्य सरकार सिद्धान्तत: प्रतिबद्ध।
हाईकोर्ट के फैसले तक 4 फीसदी पद नोशनल रूप से सुरक्षित, फैसला आने पर आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) को एक प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, हाईकोर्ट का फैसला आने तक ओबीसी के 21 प्रतिशत का लाभ जारी रहेगा।
एसबीसी को 5 फीसदी आरक्षण के लिए हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी की जाएगी।
(ओमप्रकाश शर्मा,राजस्थान पत्रिका,पीलूपुरा,22.12.2010)
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