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07 दिसंबर 2010

उत्तराखंडःपांच सौ आयुर्वेदाचार्यों की होगी भर्ती

सूबे में आयुर्वेद के पांच सौ डॉक्टरों की भर्ती होगी। पर्वतीय क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्साधिकारियों की तैनाती के लिए एलोपैथडॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकि चिकित्साधिकारियों की कमी को पूरा किया जा सके। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बारे में निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के अवस्थापना सुविधाओं संबंधी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने, प्रत्येक 50 किमी पर ट्रामा सेंटर स्थापित करने व दून अस्पताल में डॉक्टरों को जेनेरिक दवाएं लिखने के कड़े निर्देश भी दिए। सूबे में चल रहे सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर सीएम ने नाराजगी दिखाते हुए संबंधित अफसरों को काम में तेजी लाने को कहा। सीएम ने कहा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को आवश्यक कदम उठाए जाय ताकि आम आदमी तक इसे पहुंचाया जा सके। सूबे में संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। दून अस्पताल में तैनात चिकित्सक मरीजों को जेनेरिक दवाएं नहीं लिख रहे हैं। उन्होंने विभागीय सचिव से कहा कि मरीजों के साथ बेहतर बर्ताव हो, इसके लिए अस्पतालों को निर्देश जारी किया जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर जांच होगी। लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। सीएम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सूबे में प्रत्येक 50 किमी पर ट्रामा सेंटर स्थापित किया जाय। उन्होंने संबंधित अफसरों को इस बारे कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए।
उधर,सूबे में अब आयुर्वेद विभाग में भी महानिदेशक का पद होगा। इस बारे में राज्य की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। केंद्र के निर्देश पर सूबे में अब होमवर्क शुरू किया जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था में सूबे में स्वास्थ्य महानिदेशक एलोपैथ का ही पद है। सूबे को आयुष प्रदेश बनाने की तैयारियों के तहत अलग से आयुष विभाग का गठन कर विभागीय ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोशिश है एलोपैथ की ही तर्ज पर विभागीय ढांचा बनाया जाए। मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक के निर्देश पर इस बारे में शासन स्तर पर कार्यवाही भी तेज कर दी गई है। अब विभाग अलग से बनाया गया है तो विभाग के मुखिया की जरूरत महसूस की गई। सरकार ने आयुष प्रदेश को लेकर राज्य की तैयारियों से अवगत कराते हुए विभाग के लिए भी महानिदेशक पद सृजित करने का एक प्रस्ताव केंद्र को भेजा। मंत्रालय स्तर पर हुए मंथन में राज्य के प्रस्ताव पर केंद्र ने सहमति दे दी। यही नहीं मंत्रालय ने दूसरे राज्यों को भी इस व्यवस्था पर काम करने के निर्देश दिए। केंद्र के निर्देश पर सूबे में महानिदेशक पद सृजित करने को लेकर होमवर्क शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने विभाग को इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। मामला चूंकि सीएम कार्यालय से जुड़ा है ऐसे में माना जा रहा है कि कार्यवाही जल्द ही अंजाम तक पहुंचेगी।(दैनिक जागरण,देहरादून,7.12.2010)।

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