चार साल पहले थार ग्रामीण बैंकों के विलय के बाद बनी जयपुर थार ग्रामीण बैंक में वेतन और भत्तों की विसंगतियां अब भी दूर नहीं हो पाई है। एक ही बैंक में काम करने वाले शाखा प्रबंधकों व कर्मचारियों के वेतन भत्तों में भिन्नता के खिलाफ विरोध के स्वर मुखर करने वाले 66 शाखा प्रबंधकों का बैंक प्रबंधन ने वेतन पर रोक दिया है। बैंक प्रबंधन भी इस विसंगति को स्वीकारता है, लेकिन हड़ताल व विरोध जैसी गतिविधियां उसे हजम नहीं हो रही।
जनवरी 2006 में थार आंचलिक ग्रामीण बैंक एवं जयपुर-नागौर आंचलिक ग्रामीण बैंक का विलय कर जयपुर थार ग्रामीण बैंक का गठन किया गया था। इसके लिए यूको बैंक ने एक रोड मैप बनाकर नियम व कायदे तय कर दिए। इसमें थार आंचलिक बैंक के कर्मचारियों के वेतन भत्तों की विसंगतियां 60 दिन में दूर करने की समय सीमा तय हुई थी। लेकिन विलय के 50 माह बाद भी इनका समाधान नहीं हो सका है।
यह है दिक्कत
पूर्ववत्तीü थार आंचलिक बैंक के कर्मचारियों और जयपुर नागौर बैंक के कर्मचारियों के वेतन भत्तों व पदोन्नतियों को लेकर आज भी अलग-अलग नियम हैं। सुविधाओं में भी भिन्नता है। इसके खिलाफ जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर व नागौर की करीब 66 शाखाओं के कर्मचारियों, खासकर शाखा प्रबंधकों ने गत सितम्बर में नोटिस भेजने शुरू किए तो प्रबंधन ने नवम्बर से इनके वेतन रोक दिए। अब बैंक कर्मी 27 दिसम्बर से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।
खुद के नियम, खुद के संशोधन
शाखा प्रबंधकों ने सूचना के अधिकार के तहत वित्त मंत्रालय से जानकारी जुटाई तो स्पष्ट हो गया कि स्थानीय स्तर पर सरकार के आदेशों में बदलाव या संशोधन नहीं किया जा सकता। वित्त मंत्रालय से 24 जुलाई 2010 को जारी वेतन-भत्तों में संशोधन का आदेश कर्मचारियों पर अलग-अलग व्याख्या कर लागू किया गया। जबकि आदेश समान रूप से सभी पर लागू होना था।
कब तक सहेंगे भेदभाव
समायोजित दोनों बैंकों के वेतन भत्तों व सुविधाओं में भेदभाव बरता जा रहा है। यूको बैंक ने भी यह विसंगति दूर करने बैंक प्रबंधन को निर्देश दिए थे। इसके उलट प्रबंधन वेतन रोकने जैसी कार्रवाई कर रहा है, जिसका पुरजोर विरोध होगा।
-सुंदरलाल, महासचिव, पूर्ववर्ती थार आंचलिक ग्रामीण बैंक संघर्ष समिति
शुरू से हैं विसंगतियां
कर्मचारियों के वेतन भत्तों व सुविधाओं में विसंगति का मामला काफी पुराना है। इसे निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैंक बोर्ड के निर्णयों के अनुरूप काम हो रहा है। जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उनको वेतन नहीं दिया जाएगा।
-यू.के. मिश्रा, अध्यक्ष, जयपुर थार ग्रामीण बैंक(राजस्थान पत्रिका,जोधपुर,21.12.2010)
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