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13 दिसंबर 2010

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालयःबिना शिक्षक कैसे हो पढ़ाई

कुवि के कई विभागों में शिक्षकों के टोटे का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षक न होने पर उनकी कई विषयों की पढ़ाई अभी तक शुरू भी नहीं हो पाई है। जबकि उनकी होम परीक्षाएं सिर पर आ गई हैं। ऐसे में विद्यार्थी घबराए हुए हैं और कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न होने पर उनके चेहरों पर मायूसी छाई हुई है।


कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कॉलेज में बैचलर ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट के विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अगस्त माह से सैशन शुरू होने के बाद भी आज तक दो विषयों की तो उनकी पढ़ाई शुरू ही नहीं हो पाई है। बीटीएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने बताया कि कुल छह विषयों में से दो के तो शिक्षक ही नहीं हैं। अब बगैर शिक्षक के पढ़ाई कैसे होगी। विद्यार्थियों ने बताया कि पढ़ाई न होने से वह परीक्षाओं की तिथि नजदीक आने पर घबराए हुए हैं। इस समस्या के बारे में कई बार विभागाध्यक्ष को अवगत कराने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ज्ञात रहे कि बीटीएम में कुल छह विषय हैं। इनमें बिजनेस मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट, इंग्लिश, कंप्यूटर बेसिक स्टडीज, अकाउंटेंसी व होटल मैनेजमेंट शामिल हैं। यूनिवर्सिटी कालेज में बीटीएम विभाग के पास बिजनेस मैनेजमेंट और ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट के शिक्षक ही नहीं हैं।

यूनिवर्सिटी कालेज के बीटीएम विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनित कुमार ने बताया कि दोनों विषयों के शिक्षकों के मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इनके बारे में उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं। बाकी विषयों की पढ़ाई ठीक-ठाक कराई जा रही है(दैनिक जागरण,कुरूक्षेत्र,13.12.2010)।

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