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31 दिसंबर 2010

यूपीःफिर होगी हर विश्वविद्यालय की अपनी बीएड प्रवेश परीक्षा!

राज्य सरकार जल्दी ही बीएड प्रवेश परीक्षा की पुरानी पद्वति को बहाल करने की तैयारी कर रही है। पहले की तरह हर विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। इस प्रस्ताव पर आजकल शासन में माथापच्ची चल रही है। इसको अमलीजामा पहनाने के लिए फाइल विधिक राय के लिए भेज दी गई है। विधिक विभाग से मंजूरी मिलते ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा जाएगा।


गौरतलब है कि चार साल पहले तक प्रदेश के विश्वविद्यालय अपने स्तर से यह परीक्षा आयोजित कराते थे। सरकार ने वर्ष २००७-०८ से संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा की शुरुआत की और पहली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को दी। उसके बाद वर्ष २००८-०९ में डा.भीमराव अंबेडकर आगरा विश्वविद्यालय ने यह परीक्षा कराई लेकिन लेट-लतीफी का आलम ऐसा रहा कि साल खत्म होने के बाद भी छात्रों की काउंसिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसी का नतीजा था कि राज्य सरकार ने वर्ष २००९-१० का पूरा सत्र ही शून्य घोषित कर दिया। इससे सरकार की खूब किरकिरी भी हुई। इसके बाद वर्ष २०१०-११ की संयुक्त प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी लखनऊ विश्वविद्यालय को सौंप दी गई। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने आगरा विश्वविद्यालय से राय मशविरा करने के बाद बीएड प्रवेश परीक्षा की तारीख तय कर दी। लेकिन पर्चा आउट हो गया। जिसके बाद अगली तिथि पर पुनः परीक्षा कराई गई। हद तो यह है कि छह महीने से अधिक बीत जाने के बाद अभी तक काउंसिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कोई यह बताने वाला नहीं है कि कब प्रवेश पूरे होंगे और कब प़ढ़ाई होगी।

इन हालात के मद्देनजर राज्य सरकार ने पुराने पैटर्न पर बीएड प्रवेश परीक्षा कराने का मन बनाया है(अखिल सक्सेना,नई दुनिया,लखनऊ,31.12.2010)।

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