बीएड में निर्धारित १०० सीट से अधिक प्रवेश करने वाले कालेजों की मुसीबत कम नहीं हो रही है। शासन के निर्देश पर ही सेंट एंड्रयूज कालेज में हुए अधिक प्रवेश की जांच चल रही है। इस मामले में गठित जांच समिति ने अब मूल अभिलेखों की जांच करने का निर्णय लिया है। कुल सचिव ने कालेज के प्राचार्य को सभी मूल अभिलेखों के साथ १८ दिसंबर को होने वाली बैठक में बुलाया है।
गौरतलब है कि शासन द्वारा बीएड प्रवेश को लेकर सीट के साथ ही शुल्क का निर्धारण किया गया है। बावजूद इसके शासनादेशों का पालन नहीं हो पा रहा है। शासनादेशों का उल्लंघन करने वाले कुछ कालेजों पर कार्यवाही भी हो चुकी है। अब शासन के निर्देश पर सेंट एंड्रयूज कालेज में सीट से अधिक प्रवेश मामले की जांच चल रही है। जांच समिति की बैठक १८ दिसंबर को सुबह ११ बजे प्रशासनिक भवन के क मेटी हाल में होगी, जिसमें मूल अभिलेखों की जांच कराई जानी है। कुल सचिव ने बैठक में मूल अभिलेखोें के साथ आने के लिए प्राचार्य को पत्र भी भेज दिया है। कुल सचिव ने पत्र में गत दिनों एक दिसंबर को हुई बैठक में साक्ष्यीय अभिलेखों के न प्रस्तुत किए जाने के कारण बैठक की कार्यवाही के स्थगित होने का भी हवाला दिया है।
कुल सचिव एएम अंसारी ने बताया कि बैठक १८ दिसंबर को बुलाई गई है। प्राचार्य को सीट से अधिक प्रवेशित छात्रों की विश्वविद्यालय द्वारा जारी साक्ष्यीय अभिलेख सहित (मूल रूप में) बैठक में उपस्थित होना है, जिसके लिए उन्हें पत्र भेज दिया गया है।
आश्वासन समिति में भी है मामला
गोरखुपर विश्वविद्यालय से संबद्ध सेंट एंड्रयूज कालेज का यह मामला विधान परिषद के आश्वासन समिति के समक्ष भी विचाराधीन है। इस मामले में कई बार शासन ने विश्वविद्यालय के कुल सचिव को पत्र भेजकर प्रगति आख्या भी मांगी है। सूत्रों की मानें तो आगामी दिनों में होने वाली आश्वासन समिति की बैठक में इस मामले पर चर्चा हो सकती है(अमर उजाला,गोरखपुर,7.12.2010)।
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