जीजेयू ने अपने दूरस्थ विभाग को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। इस प्रकार के प्रबंध के लिए विश्वविद्यालय ने देश में स्थित विभिन्न स्टडी सेंटर में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों का पूरा ब्यौरा अपनी वेबसाइट पर डालना शुरू कर दिया है। इस जानकारी को प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। सभी स्ट्डी सेंटर की भी एक विशेष आईडी बनाई गई है। सेंटर की आईडी में उस सेंटर में प्रवेश लेने वाले हर विद्यार्थी की पूरी जानकारी होगी।
जानकारी मिलेगी आईडी से
प्रदेश की एकमात्र नैक से ए ग्रेड प्राप्त गुजवि के इस प्रयास से देश के किसी भी कोने में बैठे विद्यार्थी को उसकी आईडी पर घर बैठे इंटरनेट पर ही हर प्रकार की जानकारी मिल सकेगी। इसमें बच्चे का एडमिशन नंबर, जमा और बकाया सेमेस्टर फीस, स्ट्डी सेंटर का नाम, कक्षाओं का शेडच्यूल, रिजल्ट और संबंधित कक्षा का स्टडी मैटीरियल सहित विद्यार्थी का पूरा बायोडाटा भी उपलब्ध होगा।
प्लेसमेंट सपोर्ट सर्विस वेब पोर्टल भी बनेगा
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दूरस्थ विभाग के विद्यार्थियों का बॉयोडाटा भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें विद्यार्थी के नौकरी में रुचिकर क्षेत्र के बारे में विशेष रूप से लिखा जाएगा। ऐसे में संबंधित क्षेत्र की कंपनी और विद्यार्थी दोनों की समय की बचत होगी। कंपनी उसके क्षेत्र में रुचि लेने वाले को कॉल करेगी और विद्यार्थी अपने क्षेत्र के अनुरूप ही प्लेसमेंट में जाएगा।
ऑनलाइन जानकारी देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय के किसी भी कोर्स से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए अब विद्यार्थी को विश्वविद्यालय में आने की आवश्यक्ता नहीं होगी। वे इंटरनेट की सहायता से विश्वविद्यालय को ईमेल कर भी हर जानकारी प्राप्त कर सकेगा। यह सेवाएं भी ऑनलाइन सिस्टम के साथ ही विद्यार्थियों को मिल सकेंगी।
दूरस्थ विभाग के निदेशक प्रोफेसर एमएस तूरान ने बताया कि यह सुविधा विद्यार्थियों को आमतौर पर होने वाली समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। जल्द ही इस सुविधा का लाभ विश्वविद्यालय के हर विद्यार्थी को मिल सकेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एमएल रंगा ने बताया कि यह सिस्टम प्रदेश के और किसी विश्वविद्यालय में अभी तक शुरू नहीं हुआ है। गुजवि प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी होगी, जहां विद्यार्थी की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी(दैनिक भास्कर,हिसार,17.12.2010)।
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