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31 दिसंबर 2010

यूपीःनया साल मनाने के लिए सरकारी कर्मी हुए बीमार

नये साल की अगवानी का जोश देखना हो तो फिर सरकारी दफ्तरों से बेहतर और कोई जगह नहीं हो सकती। परिवार के साथ नये साल का जश्न मनाने को हर तीसरे कर्मचारी की बीमारी की दरख्वास्त लग चुकी है। दफ्तर में उसकी आमद अब जश्न मनाने के बाद सोमवार तीन जनवरी को ही होगी। सरकार के स्तर पर स्वीकार किया गया है कि इस वक्त छुट्टी की सबसे ज्यादा दरख्वास्तें आई हैं। औसतन 30 से 40 प्रतिशत कर्मचारी छुट्टी पर है। दरअसल, इसके पीछे सरकारी कर्मियों का सोचा समझा गणित है। उन्हें पूरे साल में 14 आकस्मिक अवकाश और 31 अर्जित अवकाश मिलते हैं। पहले अर्जित अवकाशों का नकदीकरण हो जाता था तो ज्यादातर कर्मचारी अर्जित अवकाश लेने के बजाय नकद पैसा लेना ही बेहतर समझते थे। लेकिन जबसे अर्जित अवकाशों का नकदीकरण बंद हो गया है, वह अपनी छुट्टी मारने के बजाय उसका आनंद उठाना ज्यादा बेहतर समझते हैं। अब जबकि साल खत्म होने को है तो कर्मचारी बची छुट्टियों का भी आनंद उठा लेना चाहते हैं। छुट्टियों का आनंद उठाने को 31 दिसंबर से बेहतर कोई और मौका नहीं सकता, इसलिए ज्यादातर कर्मचारी इस मौके का फायदा उठा रहे हैं। 30 दिसंबर को गुरुवार था और 31 दिसंबर को शुक्रवार है। पहली जनवरी शनिवार को है और दो को रविवार है। पांच दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के कर्मचारियों को सिर्फ गुरुवार और शुक्रवार को छुट्टी की दरख्वास्त लगानी पड़ी है। शनिवार और इतवार तो उनकी छुट्टी है ही। छह दिवसीय कार्य दिवस वाले दफ्तरों के कर्मचारियों ने तीन दिन की छुट्टी की दरख्वास्त लगा दी है। प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दैनिक जागरण से कहा कि अगर राज्य कर्मियों को आकस्मिक अवकाश और अर्जित अवकाश अर्ह हैं तो आप उन्हें उसका लाभ लेने से कैसे रोका जा सकता है, छुट्टी तो देनी ही होगी(दैनिक जागरण,लखनऊ,31.12.2010)।

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