खाली समय में आप क्या करते हैं?आपकी पसंदीदा कि ताब कौन सी है?पहली नौकरी से आपने क्या सबक सीखा? आदि प्रश्न जब उम्मीदवार से पूछे जाते हैं,तो उसे लगता है कि वह औपचारिक इंटरव्यू शुरू करने से पहले आपको सहज करने की कोशिश कर रहा है जबकि इन प्रश्नों के जरिए आपके बारे में वह जानकारी चाहते हैं जो आपने अपने रिज्यूमे में नहीं लिखी है। आपका इंटरव्यू तभी शुरू हो जाता है जब आप कमरे में प्रवेश करते हैं और इंटरव्यूकर्ता से आपका आई कॉन्टैक्ट होता है।
रिक्रूटर की सोच:
इंटरव्यूकर्ता अपने संभावित कर्मचारी के बारे में अधिकाधिक जानना चाहता है,जानकारी का आधार एकमात्र आपका रिज्यूमे हो यह जरूरी नहीं। प्रारंभिक चरण में आपकी अर्हता और अनुभव के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए नियोक्ता आपके रिज्यूमे पर अवश्य ध्यान देता है,पर साथ ही वह एक टीम सदस्य के रूपमें आपके कौशल और कार्य-संस्कृति को भी समझना चाहता है। नियोक्ता के साथ आपकी पसंदीदा किताब या फिल्म पर हुई बातचीत आपके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बता देती है। इससे आपको भी अपने व्यक्तित्व के बारे में खुलक रबताने का मौका मिलता है। आपने अपनी पहली नौकरी से क्या सीखा जैसे प्रश्न इंटरव्यूकर्ता को आपके करियर लक्ष्यों और आप अपने करियर को कैसे डिजाइन करना चाहते हैं,समझने में मदद करते हैं।आप अपनी सफलता, काम के दौरान आने वाली चुनौतियों और वर्किंग स्टाइल को कै से पेश करते हैं,यह काफी महत्वपूर्ण है। इससे आपको जॉब के प्रति अपने समर्पण को दर्शाने का मौका मिलता है।
सही प्रतिकिया दें:
ऑफ बीट प्रश्नों का उत्तर देते समय भी अपने मीटिंग के उद्देश्य को अवश्य ध्यान रखें। यह अधिक फायदेमंद रहता है। क्या आप अपने करियर संबंधी किताबों को पढ़ने के लिए समय देते हैं अथवा इंडस्ट्री में हो रहे नए बदलावों और ट्रेंड्स से अपडेट रखते हैं।यदि इस संबंध में आपसे प्रश्न किया जाए, तो आप संक्षेप में बताएं। आपकी प्रतिक्रिया आपके इंटरव्यू को अधिक कंस्ट्रक्टिव बनाने में मदद कर सकती है और आप अपनी बातचीत को अधिक मजबूत आधार दे सकते हैं।प्रश्न आपको भले ही कितने आसान क्यों न लग रहे हों, आपकी जानकारी, कौशल और व्यक्तित्व दर्शाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं(हिंदुस्तान,दिल्ली,17.1.11)।
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