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17 जनवरी 2011

वेब पत्रकारिता में करिअर

इंटरनेट के अस्तित्व में आने के बाद अखबारों के रूतबे और टेलीविजन चैनलों की चकाचौंध के बीच एक नई किस्म की पत्रकारिता ने जन्म लिया जिसे वेब जर्नलिजम के नाम से जाना जाता है। सूचना तकनीक के पंख पर सवार इस माध्यम ने एक दशक से भी कम समय में विकास की बुलंदियों को छुआ है।

वर्तमान समय में ऑनलाइन जर्नलिजम का अलग वजूद कायम है। इसका प्रसार और प्रभाव करिश्माई है। आप एक ही जगह पर बैठे-बैठे दुनिया भर के अखबार पढ़ सकते हैं। चाहे वह किसी भी भाषा में या किसी भी शहर से क्यों न निकलते हों। सालों और महीनों पुराने संस्करण भी महज एक क्लिक की दूरी पर होते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में इन दिनों युवाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है, लेकिन आम स्टूडेंट्स अखबार, पत्रिका और टेलीविजन चैनल्स तक ही पत्रकारिता का भविष्य देखते हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और है। इन सभी मामलों के साथ वेब जर्नलिजम का क्षेत्र भी तेजी से विकसित हुआ है। यहां भी कुशल पत्रकारों की हमेशा मांग बनी रहती है। ऑनलाइन जर्नलिजम की दुनिया को मोटे तौर पर दो भागों में बांट सकते हैं-

1. वे वेबसाइट्स जो किसी समाचार पत्र या टेलीविजन चैनल के वेब एडिशन के रूप में काम कर रही हैं। ऐसी साइटों के अधिकतर कंटेंट अखबार या चैनल से मिल जाते हैं, इसलिए कॅरिअर के रूप में यहां डेस्क वर्क अर्थात कॉपी राइटर या एडिटर की ही गुंजाइश रहती है।

2. वे वेबसाइट्स जो न्यूज पोर्टल के रूप में स्वतंत्र अस्तित्व रखती हैं यानी इनका किसी चैनल या पेपर से कोई संबंध नहीं होता। काम के रूप में यहां डेस्क और रिपोर्टिंग दोनों की बराबर संभावनाएं होती हैं। पिछले दिनों कई ऐसे पोर्टल अपनी ऐतिहासिक रिपोर्टिंग के लिए चर्चा में रहे। यदि आप खेल, साहित्य, कला जैसे किसी क्षेत्र विशेष में रुचि रखते हैं, तो ऐसी विशेष साइट्स भी हैं, जो आपके कॅरिअर के क्षितिज को विस्तार दे सकती हैं।

स्टॉफ के लेवल पर न्यूज पोर्टल विभाग प्रमुख रूप से तीन भागों में बंटा होता है :

1. जर्नलिस्ट- वे लोग, जो पोर्टल के कंटेंट के लिए जिम्मेदार होते हैं।

2. डिजाइनर- वेबसाइट को विजुअल लुक देने वाले।

3. वेब डेवलपर्स- डिजाइन किए गए पेज कोडिंग करना, लिंक देना और पेज अपलोड करना।

इंटरनेट पत्रकारिता में वही सफल हो सकता है, जिसमें आम पत्रकार के गुणों के साथ-साथ तकनीकी कौशल भी हो। वेब डिजाइनिंग से लेकर साइट को अपलोड करने तक की प्रक्रिया की मोटे तौर पर समझ जरूरी है। एचटीएमएल और फोटोशॉप की जानकारी इस फील्ड में आपको काफी आगे ले जा सकती है। आपकी भाषा और लेखन शैली आम बोलचाल वाली अप-टु-डेट होनी चाहिए। यह एक फास्ट मीडियम है, जहां क्वालिटी के साथ तेजी भी जरूरी है। कॉपी लिख या एडिट कर देना ही काफी नहीं, उसे लगातार अपडेट भी करना होता है। कॅरिअर के रूप में इस मीडिया सेक्टर की चमक-दमक भले ही दिखाई न दे, लेकिन अवसर और भविष्य के लिहाज से यहां स्कोप बहुत ज्यादा है। इसकी तकनीकी जरूरतें ऐसी हैं कि कुशल लोगों को प्लेसमेंट के लिए ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती है। मीडिया के बढ़ते प्रभाव का ही असर है कि आज देश के ढ़ेरों संस्थानों में मीडिया की पढ़ाई होती है, लेकिन बहुत कम जगहों पर ही ऑनलाइन पत्रकारिता के लिए अलग कोर्सेज हैं।


मास कम्युनिकेशन या जर्नलिजम में डिप्लोमा या डिग्री लेकर भी आप वेब जर्नलिजम में कॅरिअर बना सकते हैं। यदि आपकी योग्यता इस क्षेत्र की जरूरतों से मेल खाती है, तो आप किसी भी न्यूज पोर्टल के संपादक या प्रभारी को अपना बायोडाटा मेल कर सकते हैं अथवा सीधे मिल सकते हैं। आज हर न्यूज पोर्टल को कुशल लोगों की हमेशा दरकार रहती है। इसके अलावा आप तमाम न्यूज साइटों के कॅरिअर जॉब्स लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं, जहां समय-समय पर इससे संबंधित तमाम वेकेंसी निकलती रहती हैं। 

कहां से करे कोर्स
1. भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली।

2. जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली।

3. सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, पुणे
(जयंतीलाल भंडारी,नई दुनिया,दिल्ली,17.1.11)

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