मेडिकल कॉलेज में सीआईडी ने मुन्ना भाइयों की तलाश शुरू कर दी है। सीआईडी को शक है कि फर्स्ट व सेकंड ईयर एमबीबीएस के कुछ स्टूडेंटस फर्जी तरीके से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं।
सीआईडी को आशंका है कि फस्र्ट ईयर के 32 मेडिकल छात्रों का प्रवेश शक के घेरे में है। वहीं सेकंड ईयर के कुछ छात्रों ने भी एमबीबीएस में प्रवेश के लिए गलत तरीके का इस्तेमाल किया है। ऐसे छात्रों ने प्री-मेडिकल टेस्ट गलत तरीके से पास किया हो सकता है।
कुछ ऐसे छात्र हो सकते हैं, जिनके स्थान पर पीएमटी में कोई अन्य छात्र बैठा हो और काउंसिलिंग में दूसरे छात्र ने आकर एमबीबीएस में एडमिशन ले लिया हो। सीआईडी ऐसे छात्रों के प्रवेश पत्र से लेकर काउंसिलिंग के सारे कागजात की पड़ताल कर रही है।
छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी इसमें पूरा सहयोग कर रहा है। यह पड़ताल पिछले तीन-चार दिनों से जारी है।
आगे क्या
सीआईडी जांच में मुन्ना भाइयों का प्रवेश गलत पाए जाने पर उनका एडमिशन रद्द हो जाएगा। साथ ही चार सौ बीसी के केस में जेल जाना पड़ सकता है। जानकारों के अनुसार गलत तरीके से प्रवेश अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए आईपीसी की धारा में सजा का प्रावधान है।
काउंसिलिंग में बरती गई थी सावधानी
जुलाई में हुई एमबीबीएस की काउंसिलिंग में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सख्ती बरती थी। शहीद स्मारक भवन में हुई काउंसिलिंग में छात्र-छात्राओं के कागजात को जांचने के लिए मेडिकल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
अगस्त व सितंबर में दूसरे व तीसरे चरण की काउंसिलिंग मेडिकल कॉलेज के लेक्चर हाल नंबर एक में हुई थी। इसमें भी डीएमई डॉ. सुबीर मुखर्जी ने मुन्ना भाइयों को प्रवेश न लेने की स्पष्ट चेतावनी दी थी।
संभावना जताई जा रही थी कि मीडिया में मामला उछलने के बाद मुन्ना भाई मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं ले सकेंगे। इसके बावजूद सीआईडीकी जांच बताती है कि ऐसे लोगों द्वारा प्रवेश लेने की आशंका है।
"सीआईडी को शक है कि कुछ स्टूडेंट्स ने गलत तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश लिया है। ऐसे छात्रों की जांच की जा रही है। हम जांच में पूरी मदद कर रहे हैं-" डॉ. सीके शुक्ला, डीन मेडिकल कॉलेज(दैनिक भास्कर,रायपुर,18.1.11)
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