भारतीय प्रबंध संस्थान की राह पर चलते हुए सीबीएसई की ओर से इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा को ऑनलाइन आयोजित करने का पहला प्रयास महज एक प्रयोग बनकर रहने जा रहा है।
कैट की तर्ज पर देशभर में ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेन्स एग्जाम (एआईईईई) के लिए पहली बार बोर्ड की ओर से अधिकतम एक लाख छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा देने का विकल्प मुहैया कराया गया, लेकिन आवेदन को आंकड़ा 4,900 तक ही सीमित रहा। हालांकि 1 मई को होने वाली इस परीक्षा के लिए इस बार बीते साल 11 लाख के मुकाबले आवेदकों का आंकड़ा 12 लाख तक पहुंचकर एक नया रिकॉर्ड कायम करने जा रहा है।
सीबीएसई के स्पेशल एग्जामिनेशन विभाग के प्रमुख पीतम सिंह ने बताया कि एआईईईई की ऑनलाइन परीक्षा को लेकर बोर्ड ने इस बार एक प्रयोग किया है और पेपर पेंसिल के परम्परागत टेस्ट के साथ ऑनलाइन टेस्ट दोनों ही माध्यमों को विकल्प के तौर पर छात्रों के समक्ष रखा है।
लेकिन, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर छात्रों में बहुत ज्यादा रुचि नहीं देखने को मिली। उन्होंने बताया कि कैट की ऑनलाइन परीक्षा और सीबीएसई की ऑनलाइन परीक्षा के प्रति छात्रों को रवैये में बड़े अंतर की वजह विकल्प चुनने की छूट और बारहवीं के छात्रों और ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों की मनोदशा का फर्क है।
उन्होंेने कहा कि इस बार ऑनलाइन परीक्षा के लिए हमने 20 शहरों से अधिकतम एक लाख छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा देने का अवसर मुहैया कराया था, जिसके अन्तर्गत किसी शहर से 100 तो किसी से 200 आवेदन आए।
कहीं यह संख्या ज्यादा भी रही, लेकिन कुल ऑनलाइन परीक्षा देने के इच्छुक छात्रों का आंकड़ा 4,900 तक ही पहुंच पाया है। 20 जनवरी तक चलने वाली आवेदन प्रक्रिया के विषय में पूछे जाने पर पीतम सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन का सिलसिला 14 जनवरी को खत्म हो चुका है, जिसके तहत चार लाख आवेदन हुए है।
जबकि ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड की ओर से अब 1 मई को होने जा रही परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी गई है। अब आवेदकों के लिए अन्य सुविधाओं को शुरू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत हेलपलाइन सेवा और वेबसाइट पर आवेदन की जानकारी पाने की सुविधा अहम है(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,18.1.11)।
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